- श्रमंण संस्कृति के महाश्रमण पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज संसघ वर्षायोग कलश स्थापना महोत्सव ऋषभ विहार
- दिल्ली में 11,11,000 का तीर्थ रक्षा कलश स्थापित
- धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि देशभर के चातुर्मासों में चलेगा तीर्थ रक्षा कलश अभियान

इंदौर/दिल्ली (राजेश जैन दद्दू) । जैन समाज की प्राचीन तीर्थ धरोहरों के संरक्षण हेतु श्रमंण संस्कृति के महामहिम आचार्य चर्या शिरोमणि 108 विशुद्ध सागरजी महामुनिराज संसघ के पावन सान्निध्य में इस वर्ष स्थापित वर्षायोग ऋषभ विहार, दिल्ली में 11 लाख 11 हजार रुपये का तीर्थ रक्षार्थ मंगल कलश श्रद्धा पूर्वक स्थापित किया गया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि इस महाअभियान का उद्देश्य बताते हुए आचार्य भगवंत ने कहा कि वर्तमान में अनेक तीर्थ क्षेत्र जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। इनके जीर्णोद्धार एवं सुरक्षा हेतु भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र रक्षा कमेटी द्वारा देश के समस्त चातुर्मास स्थलों पर तीर्थ रक्षार्थ कलश स्थापित करने का संकल्प लिया गया है। इस राशि का कैसे होगा उपयोग कलशों से प्राप्त सम्पूर्ण राशि भारतवर्षीय तीर्थ क्षेत्र कमेटी को समर्पित की जाएगी। इस राशि का उपयोग तीर्थों के संरक्षण जीर्णोद्धार, मरम्मत, सुरक्षा एवं विकास में किया जाएगा।
भारत वर्षीय जैन समाज से आह्वान
समिति ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से जहां जहां वर्षायोग चातुर्मास स्थापित हो रहें हैं उन सभी से अनुरोध किया है कि वे भी अपने शहर, ग्राम में तीर्थों की रक्षा हेतु एक कलश अवश्य स्थापित करें। आपका सहयोग आने वाली पीढ़ियों के लिए तीर्थों को सुरक्षित रखेगा।