
जावरा (अभय सुराणा)। नगर के जैन दिवाकर भवन में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में धर्म-ध्यान, त्याग और तपस्या के पावन ध्येय के साथ चातुर्मास का भव्य शुभारंभ हुआ। चातुर्मास का मुख्य ध्येय वर्षाकाल के इन चार महीनों में आत्म-शुद्धि, धर्म-आराधना, त्याग, तपस्या और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए संयमित जीवन व्यतीत करना है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए प्रथम दिवस पर श्रावक-श्राविकाओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सामायिक की और नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप के साथ अपनी साधना प्रारंभ की।
धर्म आराधना चार्तुमास समिति प्रमुख एवं नवयुवक मंडल के पूर्व अध्यक्ष नितिन कोलन एवं श्री संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष अजय चपडोद ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भक्तिमय वातावरण में बाहर से पधारे महानुभावों के आतिथ्य का लाभ सुजानमल नीलेश कुमार औरा परिवार ने प्राप्त किया, वहीं प्रथम दिवस की प्रभावना का लाभ लाभचंद अजय कुमार चपडोद परिवार द्वारा लिया गया।