राग और द्वेष मैं अंधा बना हुआ इंसान कितनी कठोर साधना कर ले वह अभिशाप ही बनेगी – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

कोटा (टीचर्स कॉलोनी जैन स्थानक)। राग और द्वेष मैं अंधा बना हुआ इंसान कितनी कठोर साधना कर ले वह अभिशाप ही बनेगी। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि राग और द्वेष आत्मा के खतरनाक शत्रु है जो दुर्गति में ढकेलती है सम्यक ज्ञान से वंचित कर देते हैं।
मुनि कमलेश ने बताया कि जहां का राग होता है उसमें दुर्गुण नहीं दिखाई देते और जिससे द्वेष होता है उसमें अच्छाई नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि द्वेष से भी राग अनंत गुना ज्यादा खतरनाक होता है यह दोनों बंधन हर सफलता में बाधक है। राष्ट्रसंत ने कहा कि राग और द्वेषकी उठने वाली ज्वाला पूरे विश्व को तबाह कर सकती है परमाणु बम से खतरनाक है समभाव और वीतरागता सभी धर्मों की साधना का मुख्य लक्ष्य है।
जैन संत ने कहा कि राग और द्वेष से ग्रसित मानसिकता आत्मा के कर्मों का बंधन तन को ब्लड प्रेशर डिंप्रेशन हार्ड अटैक आदि रोगों का शिकार और बुद्धि का विनाश करता है तपोमूर्ति श्री घनश्याम मुनि जी ने मंगलाचरण किया
मुनि कमलेश की प्रेरणा से श्री राम कुमार पक्षी विहार के लिए करीब 51हजार की राशि दानदाताओं ने प्रदान की पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों का अध्यक्ष रूप चंद जैन मंत्री मोहनलाल जैन कोटा पोरवाल समाज के संरक्षक बुद्धि प्रकाश जैन पोरवाल छात्रावास के अध्यक्ष अशोक कुमार जैन नगर निगम वाले संरक्षक बंटी जैन ने स्वागत किया गया।