सुख की नींद चाहिए तो मत भागों इच्छाओं के पीछे, जो मिला है उसका लो आनंद- समकितमुनिजी

  • तीनों लोकों का नाथ बनना है तो करें कामना, कामिनी और कंचन का त्याग
  • तप अनुमोदना सप्ताह के तहत भगवान आदिनाथ की कथा

नासिक 19 अप्रेल (निलेश कांठेड़)। जीवन में सब कुछ पाने के पीछे मत भागो। सब कुछ किसी को नहीं मिलता लेकिन कुछ न कुछ सबको मिलता है। जीवन में थोड़ी कमियां है लेकिन उसमें भी खुश रहना सीखो। इच्छा को कभी इच्छा करके पूरा नहीं किया जा सकता। इच्छाओं के पैर बड़े होंगे तो सूख की नींद नहीं सो पाएंगे। हमेशा सकारात्मक सोच रख जो उपलब्ध है उसका आनंद ले। दुनिया स्वार्थ से बनी है कब बदल जाएगी पता नहीं चलता। ये विचार श्रमणसंघीय सलाहकार सुमतिप्रकाशजी म.सा. के सुशिष्य आगमज्ञाता, प्रज्ञामहर्षि, वाणी के जादूगर डॉ. समकितमुनिजी म.सा. ने बुधवार को नासिक के आरके स्थानक में तप अनुमोदना सप्ताह के तहत भगवान आदिनाथ कथा के दूसरे दिन व्यक्त किए। उन्होंने महान तपसाधना करने वाले भगवान आदिनाथ के पूर्व भवों की कथा सुनाते हुए कहा कि जिस समय यह ज्ञात हो जाए कि कोई जीव संसार से विदा होने वाला है तब उसे मोह के पाश में मत जकड़ना। उसके सामने आर्तध्यान नहीं करे बल्कि उन्हें धर्म सुनाकर एवं धर्म से जोड़कर भविष्य को सुखी बनाए। मुनिश्री ने कहा कि काम राग, स्नेह राग एवं दृष्टि राग खतरनाक है। तीनों लोकों का नाथ बनना है तो कामना, कामिनी और कंचन इन तीनों का त्याग करो। उन्होंने कहा कि पुत्र यदि कहना नहीं माने तो पिता को चाहिए कि वह धर्म का कहना माने। दुनिया वाले तब तक मानते है जब तक उसका स्वार्थ पूरा होता है।
जीवन के अंतिम पलों में धर्म का आलंबन जरूरी
पूज्य समकितमुनिजी म.सा. ने कहा कि बच्चे कार्य करने योग्य हो जाए तो घर के बड़ो को घर (संसार) से निवृत हो कर संयम में उपस्थित हो जाना चाहिए। जीवन के अंतिम पलों में धर्म का आलंबन जरूरी है। जिनवाणी सुनने-सुनाने का मौका पंचम आरे के अंत तक ही है। सुज्ञ ही समय रहते चेत जाते है। आगम में कहा है वह श्रावक परित संसारी बनता है जो जिनवचनों में अनुरक्त रहता है। ऐसे में जिनवाणी में हमारी असीम आस्था रहनी चाहिए। धर्मसभा में पूज्य विजयमुनिजी म.सा., भूषणमुनिजी म.सा., भवान्त मुनिजी म.सा. एवं जयवंत मुनिजी म.सा. का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। पूज्य समकितमुनिजी म.सा. के मुखारबिंद से भगवान आदिनाथ की कथा का वाचन 23 अप्रेल तक प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक होगा। समकितमुनिजी के सानिध्य में 23 अप्रेल को अक्षय तृतीया वर्षीतप पारणोत्सव का आयोजन होगा। पूज्य समकितमुनिजी का वर्ष 2023 का चातुर्मास पूना के आदिनाथ जैन स्थानक भवन के लिए घोषित है जहां चातुर्मासिक मंगल प्रवेश 25 जून को होगा।

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