

भवानी मंडी गुरुद्वारा 23 अप्रैल 2023 । जो धर्म गुरु तेरी और मेरी की दिवार खड़ी करके मानवता में नफरत फैलाते हैं वो शैतान से कम नहीं है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गुरुद्वारे में संबोधित करते कहा कि जो अभिशाप के बदले आशीर्वाद दें वही संत महान होता है चाहे वह किसी परंपरा का हो विश्व पूजनीय बनता है। उन्होंने कहा कि दैनिक अखबार बिना भेदभाव के सब पढ़ते हैं वैसे सभी धर्म ग्रंथ को बिना भेदभाव से पढ़ने वाला ही धार्मिक है।
मुनि कमलेश ने कहा कि सभी धर्म ग्रंथों की समान शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल की जानी चाहिए जैसे एक दूसरे के प्रति सम्मान करने की भावना पैदा हो।
राष्ट्रसंत ने कहा कि अहंकार और विकार आत्मा के कट्टर शत्रु है महापुरुषों की निर्मल वैराग्य मयवाणी ही प्राणीमात्र में सदभावना का संचार सकती है।
जैन संत ने कहा कि हथियारों से नहीं पवित्र वाणी से ही विश्व शांति की स्थापना हो सकती है सुकून और शांति से जीवन जी सकता है वाणी का सन्मान करना धर्म और परमात्मा का सम्मान करने के समान है मुनि कमलेश के 7 वर्षी तप पूर्ण कर आठवां शुरू होने परगुरु सिंह सभा की ओर से हरदीप सिंह जी गुरुमुख सिंह दर्शन सिंह अमनदीप सिंह कल्याण मेघवाल बाबू सिंह चौहान ने सरोपा भेंट करके राष्ट्रसंत का अभिनंदन किया गया अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंचन नई दिल्ली की ओर से मुनि कमलेश के तपस्या के उपलक्ष में विभिन्न गौशाला ने ₹5 लाख का दान स्वरूप पहुंचाएराष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए अरदास की गई आतंकवाद में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। 25 अप्रैल को जैन दिवाकर गुरुदेव चौथमल जी महाराज की दीक्षाभूमि बोलिया मैं मुनि कमलेश के पधारने की संभावना है 2 दिन वहां पर रुक कर 27 अप्रैल सुवासरा मंडी पहुंचने का भाव है।