सार्थक एप पर डाटा का अपडेशन प्रतिदिन किया जाए- श्री पोरवाल

धार | जिले में अस्पतालों की केपेसिटी को बढाने के लिए प्लान तैयार करें,फिर अमल भी करें। मनावर कुक्षी क्षे़त्र में माईल्ड सिस्टम के मरीजो को उनके क्षेत्र में ही उपचार करने की व्यवस्था की जाए। मेन पावर की प्लानिंग कर जानकारी तीन दिवस में भेजी जाए। कम्यूनिकेशन का प्लान तैयार कर एक कन्ट्रोल रूम तैयार किया जाए। इलेक्शन जैसा माहोल बनाकर पूरी व्यवस्थाओं का बारीकी से प्लान तैयार किया जाए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, एडीएम,आरआरटी, एमएमयू टीम के डेटा को प्रतिदिन मानीटरिंग करें। सार्थक एप पर डाटा का अपडेशन प्रतिदिन किया जाए। होम कोरनटाईन मरीजो की मानीटरिंग फोन के मध्याम से की जाए। सोशल कैम्पेन, पोस्टर के माध्यम से लोगो को जागरूक कर किया जाए। वर्तमान परिस्थितियों में कंटेनमेंट एरिया पर फोकस करें। चाहे कंटेनमेंट एरिया का स्वरूप छोटा हो। इसके लिए राजस्व, पुलिस और माहमारी अधिकारी बेहतर तरीके से उस क्षेत्र का मुआयना कर क्षेत्र का निर्धारण करें। यह बात आज भोपाल से आए सीनियर आईएएस विवेक पोरवाल ने जिला पंचायत सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कही। बैठक में कलेक्टर आलोक कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संतोष वर्मा, अपर कलेक्टर एसएस सोलंकी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान जिले में कोविड-19 के नियंत्रण के लिए अपनाई गई रणनीति और मरीजों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेने के बाद श्री पोरवाल ने कहा कि संख्या को सीमित करने के उपाय बेहतर रूप से करें। जो मरीज गंभीर है, उनको तुरंत ही रेफर किया जाएं। श्री पोरवाल ने कलेक्टर श्री सिंह को कहा कि धार ने आधारभूत व्यवस्थाएं और कई सुविधाएं अपने स्तर पर व्यवस्थित तो कर ली है, लेकिन आवश्यक मानव संसाधन की पूर्ति भी प्लान बना कर करें।
उन्होने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संक्रमण बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण होम कोरोनटाईन का उचित रूप से पालन नही करना भी है। एमएमयू टीम द्वारा आईडेन्टीफाई किए गए मरीज को होम कोरनटाईन किया जाए। यदि कोई व्यक्ति होम कोरेनटाईन का पालन नहीं करता है, तो उसे निश्चित रूप से कोविड केयर सेंटर में रखे।
बैठक में बताया गया कि जिले में किल कोरोना सर्वे में 26 लाख के लगभग लोगो का सर्वे किया गया । जिसमें से कुल 1680 सेम्पल लिए गए जिसमें 22 मरीज पाजीटिव पाए गए। जिले में 29 फीवर क्लीनिक बनाए गए है जिसमें प्रतिदिन जॉच की जा रही है। आरआर और एमएमयू की 25 टीम जिले में बनाए गई है।