- पूज्या अरुणकीर्ति जी को ’तप ज्योति’ और श्री इंदरमल जैन को ’सेवा शिरोमणि’ की उपाधि से अलंकृत किया
- 10 दिवसीय धार्मिक संस्कार शिविर का समापन




रतलाम। श्री जैन दिवाकर स्मारक पर पूज्य गुरुदेव मोहनमुनि जी म.सा का पुण्य स्मृति दिवस गुणानुवाद सभा के रूप में मनाया गया । कार्यक्रम के प्रारंभ में उपप्रवर्तिनी तप चक्रेश्वरी पूज्याश्री अरुणप्रभाजी म.सा. ने मंगलाचरण प्रदान किया। ततपश्चात गुरुनिधी म.सा. ने सुमधुर भजन प्रस्तुत किया।
बच्चों के दस दिवसीय संस्कार शिविर लर्न एंड टर्न मिनिमाइजेशन का समापन हुआ। समापन के अवसर पर शिविर के लाभार्थी परिवार शांताकुमारी इंदरमल जैन परिवार द्वारा बच्चों को प्रमाणपत्र एंव पुरस्कार प्रदान किये गए। अदिति कटारिया, राखी गाँधी, ओवी सुराणा, आतिश रांका ने शिविर की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। जावरा से आए बच्चों ने साधर्मिक भक्ति के विषय में लघु नाटिका प्रस्तुत की।
श्रीमती विमला बहन द्वारा स्वर्ण महाभद्र तप करने पर एंव पूज्याश्री अरुणकीर्ति जी के सांसारिक माता पिता का सम्मान श्रीसंघ द्वारा किया गया। पूज्याश्री अरुणकीर्तिजी म.सा. ने अपने उद्बोधन में बताया की शिविर के दौरान बच्चों ने कुल 9000 सामायिक की। भीषण गर्मी में उपवास, एकासन, तिविहार, चौविहार, नवकारसी तप की आराधना की। संघ अध्यक्ष ललित पटवा द्वारा उदबोधन में संघ एंव समाज की तन मन धन से लगातार सेवा करने पर संघरत्न श्री इन्दरमल जैन को श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ द्वारा संघ शिरोमणी की उपाधि से सम्मानित करने की घोषणा की। सम्मान पत्र का वांचन गुणवंत मालवी द्वारा किया गया एंव समाजजनों ने इन्दरमल जी जैन को शाल श्रीफल माला एंव बहुमान पत्र सौंप कर सम्मानित किया ।
संघ के महामन्त्री विनोद बाफना ने बताया की इस अवसर पर नवदीक्षिता पूज्याश्री अरुणकीर्ति जी म.सा. के वर्षीतप का पारणा भी सम्पन्न हुआ। वैराग्यकाल के पूर्व मासक्षमण, दिक्षा के बाद लगातार उपवास एंव फिर दिक्षा के प्रथम वर्ष में ही वर्षीतप की उग्र तपस्या करने पर रतलाम श्रीसंघ द्वारा पूज्याश्री अरुणकीर्ति जी को तपज्योति उपाधि प्रदान की गई। सम्मानपत्र का वांचन अमृत कटारिया द्वारा किया गया।
इस अवसर तहसीलदार रुपाली जैन ने भी जय जीनेन्द्र एंव क्षमापना के महत्व के बारे में अपना सारगर्भित उद्बोधन दिया।
संघ के वरिष्ठ श्रावक महेंद्र बोथरा एंव संघरत्न इन्दरमल जैन द्वारा विचार व्यक्त किये गए। श्रीसंघ के कर्मचारी रतनलालजी राठौड़ (रतन दादा) की 45 वर्ष की सेवाओं के पश्चात सेवा निर्वति पर श्रीसंघ की और से उनका बहुमान किया गया। कार्यक्रम का संचालन महामन्त्री विनोद बाफना ने किया।
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष प्रेमकुमार मोगरा, सुरेश कटारिया, मणीलाल कटारिया, एंव मृदुल पार्श्वनाथ धाम के ट्रस्टी फतेहलालजी कोठारी एंव ट्रस्टीगण, जीतो के जयंत जैन, प्रकाश मूणत, अजय खमेसरा, मनीष भटेवरा, पारस मेहता आदि समाज जन बडी संख्या में मौजूद थे। कार्यक्रम के पश्चात कार्यक्रम के लाभार्थी शांताबाई इन्दरमल जैन परिवार द्वारा गौतमप्रसादी का आयोजन रखा गया था।