जैन संत के साथ अशोभनीय घटना पर सकल जैन समाज द्वारा विरोध स्वरूप मौन जुलूस निकाला, दिया ज्ञापन

खाचरौद । विगत दिनों झाबुआ जिले के थांदला नगर में आम रास्ते पर जा रहे जैन संतों के साथ कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा अभद्र व्यवहार कर उन्हें अपमानित किया गया। दया व करुणा का संदेश फैलाने वाले जैन संतों के साथ हुई इस अप्रिय घटना से आक्रोशित खाचरौद के सकल जैन समाज द्वारा विरोध स्वरूप मौन जुलूस के रूप में तहसील कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी को प्रस्तुत किया।
जैन समाज द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से यह मांग की गई कि इस घटना के दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्यवाही कर उन्हें दंडित करवाया जाए तथा भविष्य में संतो की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की स्थानीय प्रशासन व पुलिस को निर्देशित किया जावे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस अवसर पर तहसील परिसर में आयोजित सभा में जैन समाज के सदस्य सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभा को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ झमकलाल चौरडिया, मनोहरलाल भटेवरा, चंद्रप्रकाश चौरड़िया, विजय सेठी, अशोक जैन ने एक स्वर में संतो के साथ हुए उक्त दुर्व्यवहार की निंदा की और कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक शांति व सौहार्द को विपरीत रूप से प्रभावित करती है। सभा के अंत में ज्ञापन का वाचन अभय दलाल ने किया। सभा का संचालन हर्षित चौरड़िया एडवोकेट ने किया। ज्ञापन देने में चंद्रकला सुराना, चंद्रप्रकाश चंडालिया, राजेंद्र छाजेड़, पारस सिसोदिया, अभिभाषक संघ अध्यक्ष प्रमोद देवड़ा, दिलीप बुपक्या, शांतिलाल कटलेचा, निलेश मांडोत, अनिल दलाल, अमित सेठी, निलेश भंडारी, पारस भटेवरा, मितेश भटेवरा, हर्षित चौरडिया, आलोक बुपक्या आदि समाजजन उपस्थित थे।

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