गिरनार भक्ती युवा समिति द्वारा सम्पुर्ण भारत वर्ष में हजारों लाखों साल प्राचीन जिन प्रतिमाओं का महत्व व इतिहास बताया गया

जावरा नगर में संयुक्त त्रिस्तुतिक जैन समाज के तत्वावधान मे कार्यक्रम आयोजित

जावरा (अभय सुराणा) । शनिवार दि. 8 जुलाई की रात्री को जावरा नगर में संयुक्त त्रिस्तुतिक जैन समाज के तत्वावधान मे गिरनार भक्ती युवा समिति द्वारा सम्पुर्ण भारत वर्ष में हजारों लाखों साल प्राचीन जिन प्रतिमाओं का महत्व व इतिहास बताया गया।
गिरनार तीर्थ के प्रति विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समर्पण भाव रखने वाले एवं निरन्तर तीर्थ की जाहोजलाली बढ़े इस भावना से सीमित द्रव्य से निरन्तर आयम्बिल तप करने वाले मिहिर भाई साब नेगिरनार तीर्थ की भाव यात्रा कराते हुए प्रत्येक जिन मन्दिर निर्माता का नाम मन्दिर जी की जानकारी ओर तीर्थ की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रभु नेमीनाथ के साथ ही इस पावन तीर्थ पर अनेक तीर्थंकरों के अनेक कल्याणक हुए हे यहां का कण कण पवित्र हे प्रभु का पक्षाल स्वर्ग सी अनुभूति कराता है
साथ ही कोई जड़ी बूटी एसी नहीं हे जो इस तीर्थ पर उपलब्ध नहीं है।
अन्त में आपने इस तीर्थ की रक्षा हेतु आयम्बिल उपवास नवकार मंत्र स्मरण पांच सो आयम्बिल के साथ अनेक छोटे बड़े नियम उपस्थित समाज जनों के मध्य रख कर अपने बलिक जनों को प्रत्याख्यान करवायें आपके साथ पधारे संगीतकार मेहुल भाई वाह ने अपनी स्वर लहरियां बिखेर कर सभी का मन मोह लिया
प्रारंभ में प्रभु नेमीनाथ व गुरूदेव राजेन्द्र सूरीश्वर जी म ॓साब के चित्र पर माल्यार्पण व दीप दीप प्रज्वलन त्रिस्तुतिक संघ के दौनो अध्यक्ष द्वयश्री अशोक जी लुक्कडश्री विजय जी आंचलिया उपाध्यक्ष गणश्री अभयजी चोपड़ा सुरेश जी पगारिया राजेन्द्र जी राठौड़ अजीत जी चत्तर श्री संघ के राष्ट्रीय मन्त्री अनिल चोपडा एवँ श्रीसंघ के मन्त्री द्वय मदनसी॓ग चोरड़िया राजकुमार मारवाड़ी कोषाध्यक्ष विनोद बरमेचा अशोक बोरदिया वरिष्ठ परामर्शदाता सर्राफ प्रकाश कांठेड़, पारस ओस्तवाल वरिष्ठ,उपाध्यक्ष राजेश बरमेचा ने किया।कार्यक्रम के अंत में पधारे अतिथि कलाकारों का बहुमान श्री संघ के उक्त सभी पदाधिकारियों के साथ श्री तेजमल बोदिनावाला श्री समरथमल लोढ़ा श्री नगीन सकलेचा पवन कटारिया द्वारा किया गया साथ ही सम्मान राशि भी भेंट की गई
श्री संघ के वरिष्ठ उदारमना श्रीमान पारस जी ओस्तवाल ने अपना जनता परिसर रिसोर्ट श्री संघ को उक्त आयोजन हेतु निशुल्क उपलब्ध कराने हेतु शाल माला श्रीफल से श्री संघ के वरिष्ठजनो द्वारा किया जाकर आभार व्यक्त किया
अन्त तक खचाखच भरे परिसर में सभी व्यक्ति मंत्र मुग्ध हो कार्यक्रम का आनंद लेते रहे कार्यक्रम का संचालन सर्राफ प्रकाश कांठेड़ ने किया व आभार प्रदर्शन श्री अनिल चोपडा ने किया।
कार्यक्रम के अन्त में सभी युवा गिरनार भक्ती स्तवनों के माध्यम से झुम कर भक्ती करते रहे तत्पपश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ
उल्लेखनीय है कि पूज्य साध्वी रत्ना डा, अमृतरसा श्री जी म, सा,ने दोनों श्री संघ प्रमुखों को आमन्त्रित कर संघ में उल्लास जाहोजलाली व प्रेम सौहाद्र हेतु अखण्ड आयम्बिल की लडी प्रारंभ करने की भावना व्यक्त की थी
ओर यह लड़ी गुरु पूर्णिमा आषाढ़ सुदी पूनम से निरन्तर चल रही हे