मप्र नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ, इकाई रतलाम के पदाधिकारियों ने सौंपा

रतलाम। मध्य प्रदेश नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ, इकाई रतलाम द्वारा अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में विधायक चेतन्य काश्यप से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रदेश की नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों, स्थायीकर्मी, कर्मचारियों एवं सामुदायिक संगठको की मांगों का निराकरण करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया कि प्रदेश संगठन द्वारा समय-समय पर प्रदेश के शासन एवं प्रशासन से चर्चा कर मांगों के निराकरण हेतु चर्चा की गई, जिसमें शासन एवं प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की मांगों का निराकरण किए जाने का आश्वासन दिये जाने के बाद भी निकाय के कर्मचारियों की मांगों का निराकरण नहीं किया गया। इस कारण प्रदेश संगठन के आह्वान पर प्रदेश शासन का ध्यान आकर्षण करने हेतु नगर पालिक निगम, रतलाम में भी हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था।
नगरीय निकाय कर्मचारियों की प्रमुख मांगे निम्नानुसार है:-
- निकायों में कार्यरत सितम्बर 2016 तक के सभी संवर्गो के दैनिक वेतनभोगी का विनियमितिकरण (स्थाईकर्मी) किया जाना।
- विभिन्न निकायों में गत 30 वर्षों से कार्यरत लगभग 190 सामुदायिक संगठको को नियमित किया जाने ।
- निकायों में तृतीय / चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर पूर्व से कार्यरत (स्थाईकर्मी) विनियमित अथवा दैनिक वेतन भोगीयों को नियमित किया जायें।
4 निकायों को प्रदत्त चुंगीकर यात्रीकरण क्षतिपूर्ति राशि से अघोषित कटौती बंद की जायें तथा समझौते अनुरूप क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि की जायें। - पुरानी पेंशन बहाल की जायें।
- निकायों के समस्त कर्मचारियों को भी 24 जनवरी 2008 से ही समयमान वेतनमान का लाभ देते हुए एरियर्स राशि का भुगतान किया जाये । (उक्त मांग पर शासन की सहमति हुई थी)
- निकायों के सेवा भर्ती नियमों में कम्प्यूटर आपरेटरों के पदों का समावेश किया जाकर पद गठित किये जायें। उक्त मांग पर शासन की सहमति हुई थी)
- निकायों के स्थापना व्यय की सीमा 65 प्रतिशत के स्थान पर 70 प्रतिशत की जाये।
- नगरीय निकायों के त्रुटिपूर्ण सेवामती नियमों में सुधार किया जाये ।
- प्रदेश की नगर निगमों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारियों कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति अवधि निर्धारित की जावे।
- प्रदेश की विभिन्न निकायों के अवैधानिक संविलियन शीघ्र समाप्त किया जायें।
- विनियमित कर्मचारियों को 7 वे वेतनमान का लाभ दिया जायें।
- निगम में वर्ष 2007 से पूर्व के शेष बचे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को विनियमितीकरण किया जाये।
ज्ञापन के दौरान मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष हेमन्त सो, कार्यवाहक अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह राठौर, कुलदीप भट्ट, देवेंद्र पुरोहित, विनोद, राकेश, शैलेष दीक्षित, असलम, राकेश मेहरा, अरुण चावड़ा आदि उपस्थित रहे।