विश्व का कोई भी धर्म उन्माद और पागलपन की इजाजत नहीं देता है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

इंदौर महावीर भवन 2 अगस्त 2023 । धार्मिक आराधना में लीन आत्मा पर जब उन्माद सवार हो जाता है राक्षस और शैतान से भी खतरनाक हो जाता है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि उन्माद अपने आप में पागलपन है ऐसी आत्मा को धार्मिक तो क्या इंसान के लाने का अधिकार भी नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि उन्माद व्यक्ति को अंधा बना देता है उन्माद अपने और पराए को नहीं देखता है उन्माद का पागलपन परमाणु बम से भी खतरनाक होता है । मुनि कमलेश के बताया कि विश्व का कोई भी धर्म उन्माद और पागलपन की इजाजत नहीं देता है उन्माद खुद को रोकता शिकार आत्मा का पतन धन की बर्बादी औरगुणों को जला देता है।
राष्ट्रसंत ने कहा उन्माद जैन संत ने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है जो धर्म के रहनुमा राग और द्वेष के उन्माद में ग्रसित होकर मानवता को कुचलने पर उतारू हो जाते हैं अमन चैन और शांति का पैगाम देने वाला ही सच्चा धर्म और गुरु होता है। तपस्विनी श्रीमती सरोज बहन भटेवरा के आज 32 उपवास है आगे बढ़ने का भाव है।