धर्मस्थल की आचार संहिता होती है उसका कठोरता से पालन करवाना धर्म गुरु का कर्तव्य है – राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश

इंदौर महावीर भवन 26अगस्त 2023 । जब सर को बिना ढके धर्मस्थल में प्रवेश नहीं कर सकते हैं तो फिर नशा आदि बुराइयों का सेवन करने वाला धर्मस्थल में कैसे प्रवेश कर सकता है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि धर्मस्थल की आचार संहिता होती है उसका कठोरता से पालन करवाना प्रत्येक धर्म गुरु का प्रथम कर्तव्य होता है।
उन्होंने कहा कि हिंसा नशा बलात्कार भ्रूण हत्या मिलावट भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों में डूबे हुए व्यक्ति को धर्मगुरु क्यों नहीं उनको अयोग्य घोषित करते हैं। मुनि कमलेश से बताया कि पुलिस खड़ी है और चोरी होती है तो उस दोष से वह वंचित नहीं रह सकते। वैसे ही धर्मगुरु की उपस्थिति में बुराइयों का फलना फूलना उनके लिए चुनौती है।
तपस्वी अक्षत मुनि जी के आज 27 उपवास है 4 सितंबर को 35 उपवास अभिनंदन एवं पारणा महोत्सव महावीर भवन इमली बाजार राजवाड़ा में आयोजित किया जाएगा उक्त जानकारी महामंत्री रमेश भंडारी द्वारा दी गई। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार वंश नई दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष मोहन जैन 11 जन के प्रतिनिधित्व मंडल के साथ गुरु चरणों में उपस्थित हुए एव चातुर्मास की विनती की। बेंगलुरु संघ के किशन लाल जी कोठारी, रायचंद छाजेड़, मद्रास से लोढ़ा जी, हैदराबाद से हर्ष कुमार मुनोत आदि सभी ने मिलकर कहा 25 वर्ष हो गए दक्षिण छोड़े हुए अब अति शीघ्र पधार कर हमें सेवा का लाभ दें।

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