मप्र जन अभियान परिषद के तत्वावधान में महर्षि श्रीअरविंद की 150 वीं जन्म जयंती (सार्धसती) वर्ष पर व्याख्यानमाला कार्यक्रम संपन्न

राष्‍ट्रपति पुरूस्‍कार से पुरूस्‍कृत श्रीमति सीमा अग्निहोत्री ने राष्‍ट्रपति से प्राप्‍त श्री अरविंद के जीवन पर आधारित पुस्‍तक श्रीअरविंद सोसायटी रतलाम को सौंपी

रतलाम। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत महान क्रांतिकारी महर्षि श्रीअरविन्द की 150 वें जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला रतलाम के तत्वावधान में जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन जन चेतना विघालय परिसर में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम श्रीमां एवं महर्षि श्रीअरविंद घोष जी की प्रतिमा पर अतिथियों द्वारा फूलमाला अर्पित कर स्वागत गीत के पश्चात कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
महर्षि अरविंद का जीवन आदर्श जीवन है, श्री अरविंद एक व्यक्ति न होकर प्रचंड आध्यात्मिक शक्ति थे। ईश्वरीय चेतना के अंश थे जिन्होंने अपना सर्वस्व राष्ट्र और मानव उत्थान को समर्पित कर दिया। बंग भंग के बाद स्वतंत्रता आंदोलन की भूमिका इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। स्वाधीनता आंदोलन के पश्चात उनका पूरा जीवन मानवीय चेतना के पुनरुत्थान में बिता। 14 अगस्त 1947 को ऑल इंडिया रेडियो से प्रसारित उनका भाषण के स्वप्न आज साकार होते नज़र आ रहें है। उपरोक्त बात जन चेतना विद्यालय परिसर में आयोजित हुए महर्षि अरविंद की 151 वीं जन्म जयंती के अवसर पर म. प्र. जन अभियान परिषद द्वारा व्याख्यानमाला के मुख्य व्यक्ता के रूप में गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय समन्वयक विवेक चौधरी ने कही।
व्याख्यानमाला को आशीर्वाद देते हुए महामण्डलेश्वर 1008 श्री आत्मानंद जी ने कहा कि जैसे भगवान कृष्ण के गीता उपदेश को ईश्वरीय चयनित लोगों ने सुना उसी तरह आज उपस्थितजन श्री अरविंद की जीवन गाथा को सुन रहें है। श्री अरविंद की भांति हर व्यक्ति को अपने जीवन मे नियमित आत्म चिंतन और राष्ट्र चिंतन करना चाहिए। सभा को संबोधित करते हुए पंडित संजय शिवशंकर दवे ने कहा कि श्री अरविंद की जीवन एवं साहित्य की शिक्षाओं को जीवन में उतारने से जीवन सार्थक हो जाएगा।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री अरविंद सोसाइटी के सतीश पंड्या ने दुर्गा स्त्रोत का पाठ किया। शिक्षिका विनीता ओझा ने श्री अरविंद के जीवनी का परिचय दिया। स्‍वागत भाषण एवं कार्यक्रम की रूपरेखा परिषद के जिला समन्‍वयक रत्‍नेश विजयवर्गीय के द्वारा बतायी गयी।
कार्यक्रम के मुख्‍यातिथि गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रांतीय समन्वयक श्री विवेक चौधरी, महामण्डलेश्वर 1008 श्री आत्मानंद जी, महर्षि पं. संजय शिवशंकर दवे, राष्‍ट्रपति पुरूस्‍कार से सम्‍मानित श्रीमति सीमा अग्निहोत्री, जनचेतना विघालय के ट्रस्‍टी श्री एम.एल. दुबे, श्री अरविंद सोसायटी के वरिष्‍ठ कार्यकारिणी सदस्‍य श्री सतीश पांडया, व श्रीमति विनीता ओझा, परिषद के जिला समन्‍वयक रत्‍नेश विजयवर्गीय, रहे।
कार्यक्रम में श्रीमति सीमा अग्निहोत्री को राष्‍ट्रपति पुरूस्‍कार प्राप्‍त होने पर परिषद द्वारा सम्‍मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरुस्कार से सम्मानित रतलाम की शिक्षिका सीमा अग्निहोत्री भी उपस्थित थी। उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा प्राप्त श्री अरविंद के साहित्य को श्री अरविंद सोसाइटी की रतलाम शाखा को समर्पित किया। जिसे सोसाइटी के श्री लोकेन्‍द्र सिंह सिसौदिया, श्रीमति विनीता ओझा, श्री सतीश पांडया, श्री किशोर पाठक श्रीमति संध्‍या पाठक श्री अमि‍त श्रीवास्‍तव को भेंट किया।
कार्यक्रम के अंत में स्मृति चिन्ह भेंट कर सभी को सम्मानित, अभिवादन किया। इसके पश्चात अंत में सभी अतिथियों का आभार विकासखण्‍ड समन्वयक श्री शैलेन्‍द्र सिंह सोंलकी द्वारा किया गया! कार्यक्रम का संचालन श्री महावीर दास बैरागी के द्वारा किया गया। सामूहिक वंदेमातरम का गायन किया गया ।
उक्त कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक शैलेन्‍द्र सिंह सोंलकी, शिवशंकर शर्मा , निर्मल अमलियार, रतनलाल चरपोटा, व परामर्शदाता, प्रस्फुटन समिति सदस्य, नवांकुर संस्था सदस्य, सीएमसीएलडीपी, छात्र/छात्राएं, जनचेतना विधालय परिवार के सतीश तिवारी, त‍था समाजसेवियो आदि की उपस्थिति रही ।