आत्मा के साथ लगे जन्म जन्मांतर के कर्मों को तप के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है – आचार्य श्री पद्म भूषण रतन विजय जी



इंदौर महावीर नगर जैन स्थानक 25 सितंबर 2023 । तपस्या करना कठिन है उससे भी ज्यादा कठिन है भोजन पर बैठकर नियंत्रण करना। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महासती अरुण प्रभा जी के 75 दिवसीय आयम्बिल पारना महोत्सव को संबोधित करते कहा कि भूख से एक दाना भी कम खाना भी महान तपस्या है। महासती जी को मुनि कमलेश ने आदर सम्मान की चादर भेंट की। उन्होंने कहा कि भूख से मरने वाले के बजाय ज्यादा खाकर मरने वालों की संख्या ज्यादा है। मुनि कमलेश ने बताया कि भूख से ज्यादा किया अमृतमय भोजन भी जहर के रूप में बदल जाता है। राष्ट्र संत ने कहा कि भोजन को झूठा डालना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है। तपस्या करने से आत्मा की शुद्धि तन को निरोग, आज विश्व को खाद्य समस्या से मुक्ति दिलाता है।
मूर्ति पूजक आचार्य श्री पद्म भूषण रतन विजय जी ने कहा कि आत्मा के साथ लगे जन्म जन्मांतर के कर्मों को तप के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है। ऋषभ रत्न विजय जी महा सती अरुण प्रभा जी रमेश भंडारी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच जिला का मंदसौर की प्रचार मंत्री मंजू मंजू चिंगावत पिपलिया मंडी में भी ताप का अनुमोदन किया।
इंदौर के इतिहास में मुनी कमलेश की प्रेरणा से पहली बार दिगंबर दस लक्षण पर्व मनाने के लिए दिगंबर संत पूजा सागर जी स्थानकवासी राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश श्वेतांबर मूर्ति पूजक उपाध्याय दिव्या चंद्र विजय जी तीनों संयुक्त रूप से अशोकनगर प्रगति नगर दिगंबर जैन मंदिर में 26 सितंबर को प्रातः 8:00 बजे एक मंच से एक साथ बना कर समाज को सद्भावना और एकता का संदेश देंगे। उक्त जानकारी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय मार्गदर्शक रमेश भंडारी ने दी।