
जावरा (अभय सुराणा) । शासकीय अस्पताल को कायाकल्प योजना में रिपेयरिंग के नाम पर करोड़ों रुपए बर्बाद किए गए हैं, इसका जीता जागता उदाहरण सोमवार रात को हुआ। जब रात में सिस्टर सीटिंग रूम की छत पर लगी फाइबर शीट को तोड़ता हुआ प्लास्टर धड़ाम से गिरा। चूंकि पूरे अस्पताल की छत को फाइबर शीट से तैयार किया गया है। रिपेयरिंग छत स्टाफ रूम में गिरी तब पता चला कि यह प्लास्टिक की सीट लगा करके हॉस्पिटल को नया करने का तमाशा किया गया था ।ऊपर से छत गिर रही है, नीचे टॉईल टूट रही है। मध्य प्रदेश भूतपूर्व मुख्यमंत्री और जावरा विधान सभा से विधायक रहे डॉ. केदारनाथ काडजू द्वारा 1962 में बने इस अस्पताल को कभी कलर करके कभी टाईल लगा करके कभी प्लास्टिक की सीट लगा करके भाजपा नेता अपना नाम लिखवा रहे हैं, और जिन्होंने इस भव्य इमारत को बना नगर को जिला अस्पताल स्तर की सुविधा दी थी, उनका फोटो तक वहां से गायब कर दिया गया। इन सब समस्या को लेकर के आज सुबह जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने पूरे अस्पताल का दौरा किया तब इसकी पोल खुली ।
श्री धाकड़ ने बताया कि अस्पताल में 25 डॉक्टर के पद स्वीकृत है परंतु मात्र 14 डॉक्टर ही कार्यरत है। सीटी स्कैन मशीन 2 साल से धूल खा रही है ऑपरेशन थिएटर सालों से बंद पड़ा है। ऊपरी रंग रोगन को छोड़ दिया जाय तो अस्पताल की हालत खस्ता हाल है। अस्पताल प्रशासन की अनदेखी और लीपा पोती से कभी भी हादसा हो सकता है। आपने चिंता व्यक्त करते हुए उल्लेख किया कि कुछ वर्ष पूर्व जिला चिकित्सालय हादसा हो चुका है, जिसने बिल्डिंग का एक हिस्सा धराशाई होने से कई मरीजों उनके परिजनों की जान चली गई थी। श्री धाकड़ ने जावरा में भी यही स्थिति निर्मित होने की आशंका व्यक्त की।
आपने अस्पताल के कायाकल्प योजना में रिनोवेट हुए कार्यों पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार में 50% से अधिक कमीशन का खेल चल रहा है। मैं कांग्रेस का सिपाही होने के चलते यह नही होने दूंगा तथा शासन आवश्यक कार्रवाई की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री के आगामी दिनों में होने वाले दौरे पर उनको यह सब अवगत कराऊंगा।