लक्ष्य विहीन मानव का पुरुषार्थ करना, समय और पैसे को बर्बाद करने के समान है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

जोधपुर। लक्ष्य विहीन मानव का पुरुषार्थ करना, समय और पैसे को बर्बाद करने के समान है वह वह पशु तुल्य जीवन जी रहा है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महावीर भवन निमाज की हवेली मैं व्यक्त करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र है लक्ष्य को तय करना और उसके प्रति कर्मठता के साथ समर्पित होकर काम करना अत्यंत जरूरी है । उन्होंने कहा कि लक्ष्य जितना महान होगा उतना ही व्यक्ति ऊंचाइयों को छुए गा अर्जुन की भांति लक्ष्य के प्रति एकाग्रता होना अत्यंत जरूरी है ।राष्ट्रसंत ने कहा कि निष्काम और निस्वार्थ लक्ष्य पूर्ति को दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। मुनि कमलेश ने कहा कि लक्ष्य से भटकना अंधेरी गलियों में भटकने के समान है उसकी पूर्ति के लिए उचित मार्गदर्शन जरूरी है । जैन संत ने स्पष्ट कहा कि लौकिक पूर्ति का लक्ष्य और लोकोत्तर लक्ष्य आत्म कल्याण का लक्ष्य ही सर्वोत्तम लक्ष्य है कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि अक्षत मुनि ने विचार व्यक्त किए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस प्रात: 9.00 बजे मुनि कमलेश के सानिध्य में महावीर भवन निमाज की हवेली में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जोधपुर की ओर से मनाया जाएगा।

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