तलेगांव परमपथ चातुर्मास पर्व- 23






तलेगांव। परोपकार सम्राट महनखेड़ा महातीर्थ के विकास पुरुष आचार्यप्रवर श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.की 29वीं मासिक पुण्यतिथि पर चातुर्मास भूमि श्री जीरावला जिनालय से श्री शंखेश्वर जिनालय कलश मंदिर तक का पैदल यात्रा संघ आयोजन किया गया। श्रीसंघ के बाल गौपाल बच्चे संघपति बने थे। प्रातः 06:15 पर भक्तामर व गुरु चालीसा पाठ के बाद सभी बाल संघपति एवं संघमाता का रत्नजटित तिलक माला से एवं पगड़ी पहना कर श्रीफल देते हुए बहुमान लाभार्थी सुमतिलाल ताराचंदजी शाह ने किया। करीब 32 संघपति इसमें जुड़े। सुमतिलालजी शाह का बहुमान चातुर्मास मुख्य लाभार्थी अनिताबेन रविंद्रजी हस्तीमलजी नागौत्रा सोलंकी ने किया। वाजते गाजते साजन माजन के साथ 07 बजे संघ प्रस्थान हुआ। जीरावला दादा का दर्शन करते हुए,नगर के मुख्य मार्ग से तालाब के रास्ते कलश मंदिर पहुंचे। शंखेश्वर दादा की चैत्यवंदना भक्ति की गई। वर्षीतप तपस्वी वरिष्ठ मुनिराज श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा.ने मंगलाचरण कर धर्मसभा का प्रारंभ किया। ओजस्वीवक्ता मुनिराज श्री रजतचन्द्र विजयजी ने नन्हे बच्चों को हित शिक्षा देते हुए कहा,तीन चिजे जीवन में सदैव करे,देव-गुरुपूजन,मातृ पितृ वदंन एवं धर्म आचरण करना चाहिए। पौधे में आकर का एवं बच्चों में संस्कार का शुरुआत में ही कार्य होना चाहिये। मुनिश्री ने आगे कहा ये नन्हे बाल गोपाल बड़े होकर धर्म करणी से जुड़े रहे इस हेतु यह आयोजन किया गया। कल संसार जगत मे सक्सेस के पायदान पर पहुंचने के बाद भी बच्चो को लगना चाहिए कि मेने बचपन में पैदलयात्रा संघ निकाला था, तो भविष्य में भी मुझे संघ निकालने का भाव बने। प्रवचन बाद सभी संघपति व संघमाता बच्चों को गिफ्ट सेट वितरण किया गया। पांच विशिष्ट बड़े लक्की ड्रां भी बच्चों के लिए निकाले गये। अनिताबेंन रवीन्द्रकुमारजी ओसवाल परिवार द्वारा मिठाई की प्रभावना की गई। सर्व मंगल पश्चात पधारे सभी संघपति एवं मेहमानों ने नवकारसी का लाभ लिया। ट्रस्टी अनिलजी मेहता,भंवरजी सोलंकी, दिनेशभाई,रमेशभाई ने एवं भोजनशाला ट्रस्टी ने एवं विहार सेवा ग्रुप ने व्यवस्थाएं संभाली। प्रथम बार निकाले गये संघयात्रा आयोजन की सभी ने तहेदिल से प्रशंसा की।