
उदगाव (महाराष्ट्र)। इस सदी के सबसे कम उम्र के तपस्वी ,मौन साधक सम्मेद शिखर में पारसनाथ टोंक पर साधना करने वाले एवं परम पूज्य तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त एवं इस सदी के महान संत संत शिरोमणि गुरुवर आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज से सिंह निष्क्रिय व्रत 557 दिन की मोन साधक में 496 दिन उपवास ओर 61 दिन आहार कर व्रत धारण करने वाले परम पूज्य प्रातः स्मरणीय अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का मंगल साधना स्वर्णभद्र टोंक पर निर्विघ्न साधना गत वर्ष हुवा । उसके बाद तीर्थराज से मंगल विहार करते हुवे इस सदी के तपस्वी समार्ट 108 सन्मति सागर जी महाराज के समाधि स्थल उदगाव महाराष्ट पहुँचे जहाँ चातुर्मास स्थापना किये इसके पश्चात इस चातुर्मास में कई तरह की तपस्या करते हुवे अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज का एक ओर महाव्रत धारण कर में अपने जीवन को मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ा रहे है इस बार 26 अक्टूबर से 40 दिन की मौन उपवास के साथ साधना में 5 आहार का वसंत व्रत संकल्प लेकर अपनी तपस्या को ओर प्रगाढ़ बना रहे है ये उपवास 4 दिसम्बर तक चलेगा ओर 4 दिसंबर को महापारणा उदगाव में होगा । इस अवसर पर अन्तर्मना ने कहा कि पैसा बोलता है, अमूल्य सम्बन्धों की तुलना कभी पैसों से मत करो, क्योंकि पैसा दो दिन , काम आयेगा परन्तु रिश्ते जिन्दगी भर साथ निभायेंगे। सम्बन्धों की ये तीन चीज हत्यारी (बिगाड़ने) वाली है।
जर, जोरू और जमीन… पैसा एक, नाम अनेक ,मंदिर में दिया जाए तो चढ़ावा ,
स्कूल में दिया जाए तो फीस,
शादी में दो तो दहेज,
तलाक देने पर गुजारा भत्ता ,
आप किसी को देते हो तो कर्ज ,
अदालत में दो तो जुर्माना ,
सरकार लेती है तो कर (टेक्स)। सेवानिवृत्त होने पर पेंशन,
अपहरण कर्ताओं के लिए फिरौती ,
होटल में सेवा के लिए टिप ,
बैंक से उधार लो तो ऋण, मजदूरों को दो तो वेतन ,
अवैध रूप से प्राप्त सेवा रिश्वत और मुझे दोगे तो गिफ्ट,
पैसा नमक की तरह है जो जरूरी तो है मगर जरूरत से ज्यादा हो तो जिंदगी का स्वाद बिगाड़ देता है।पैसा मरने के बाद आप अपने साथ नहीं ले जा सकते लेकिन जीते जी पैसा आपको बहुत ऊपर ले जा सकता है। सिकन्दर से भी ज्यादा पैसा जोड़ों लेकिन जब छोड़ने का वक्त आये तो ऐसा छोड़ो जैसे-भगवान महावीर की तरह, तन पर एक धागा भी ना रहे।
धन को अग्नि में डालो तो वह राख हो जायेगा (संसार की वस्तुएं नष्ट हो जायेंगी) और यदि धन को धर्म, मानव सेवा, परोपकार में लगाओ तो वह अक्षय खजाना बन जायेगा।इस बार उदगाव मे कई आचार्य अन्तर्मना के आशीर्वाद ओर उपाध्यसे कई कार्यक्रम हो रहे है। कोडरमा मीडिया राज कुमार अजमेरा ने उक्त जानकारी दी।