पशुओं की हत्या इंसानों की हत्या से बढ़कर है मानव हत्या के समान पशु हत्या का भी समान कानून होना चाहिए – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

जोधपुर । इंसान के बिना पशु जंगल में जिंदा रह सकता है परंतु पशु के बिना इंसान एक पल भी जिंदा नहीं रह सकता पशुओं की रक्षा में ही इंसान की रक्षा सुरक्षित है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने महावीर भवन निमाज की हवेली मैं गोरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते कहा कि पशुओं की हत्या इंसानों की हत्या से बढ़कर है मानव हत्या के समान पशु हत्या का भी समान कानून होना चाहिए । उन्होंने कहा कि मानवाधिकार की भांति पशु अधिकार का भी गठन होना चाहिए पशुधन का कोई विकल्प नहीं है । राष्ट्रसंत ने बताया कि राज्य सरकार ने गौ संवर्धन के लिए जो राशि एकत्रित की वह उसी में लगनी चाहिए कोरोनावायरस महामारी में गौशाला संकट के दौर से गुजर रही है सरकार को डबल बजट पास करना चाहिए । जैन संत ने स्पष्ट कहा कि गाय के नाम पर पैसा एकत्र करके सरकार दूसरे काम में लगाना गौमाता को मौत के घाट उतारने का पाप कमा रही है।
गौ रक्षक पक्षी संरक्षण समिति नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के स्वामी महंत श्री देव गिरी जी महाराज ने आक्रोश भरे शब्दों में कहा कि राजस्थान सरकार ने चुनाव के पूर्व चुनावी एजेंट में जो गौ रक्षा की घोषणा की उससे मुकर रही है संत समाज खामोश नहीं बैठेगा।
महंत जी ने क्रांतिकारी घोषणा करते हुए कहा कि गौ संवर्धन के पैसे गौ सेवा में लगेंगे या तत्काल घोषणा करें नहीं तो सरकार गौ माता की बद्दुआ से बच नहीं पाएगी और संत समाज भी तब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक न्याय नहीं मिलेगा।
उन्होंने राष्ट्र संत कमलमुनि के द्वारा देशव्यापी केंद्रीय जेलों और सेकड़ो गौशाला प्रारंभ में करने पर अखाड़ा परिषद की ओर से सम्मानित किया गया श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जोधपुर में महंत जी को गौ सेवा के लिए 25000 की राशि प्रदान की ओर शाल ओढ़ाकर स्वागत किया घनश्याम मुनि कौशल मुनि ने विचार व्यक्त किए अक्षत मुनि ने मंगलाचरण किया।