चातुर्मासी प्रतिक्रमण 26 नवंबर को

जावरा (अभय सुराणा) अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच एवं अ.भा. जैन दिवाकर संगठन समिति के वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तिथि की गड़बड़ को लेकर संशय पैदा हो रहा है की वर्तमान चातुर्मास कब पूर्ण होगा। इस संदर्भ में श्रमण संघीय आचार्य भगवन डॉ शिव मुनि जी म.सा.से चर्चा करने के बाद आप श्री के निर्देशानुसार चातुर्मास कार्तिक पूर्णिमा के सांयकालीन प्रतिक्रमण संपन्न होने के साथ ही दूसरे दिन विहार होता है। इस बार 26 नवंबर को 3.53 मिनट तक चतुर्दशी है एवं 26 नवंबर को रात्रि प्रतिक्रमण वैला में पूर्णिमा है अतः संशय होना स्वाभाविक है। सुराणा ने बताया कि इसके अलावा एक विचार और है कि 27 नवंबर को पूर्णिमा दिन के 2.46 बजे तक है इसके बाद प्रतिपदा आ जाएगी यानी अगर 27 नंबर को प्रतिक्रमण करते हैं तो वह प्रतिपदा में होगा और प्रतिक्रमण प्रतिपदा में नहीं होता है। अतः कार्तिक चातुर्मास प्रतिक्रमण पक्की प्रतिक्रमण के समय घड़ीयों में पूर्णिमा आने से पक्की प्रतिक्रमण 26 नवंबर को ही होगा। एवं मंगल विहार 27 नवंबर को 2.46 मिनट तक पूर्णिमा होने की वजह से विहार दोपहर में 3:00 बजे बाद या 28 नवंबर 2023 एकम को भी कर सकते हैं। अतः सभी इस बात को ध्यान में रखते हुए अपना मंगल विहार करने की कृपा करें।