



कसरावद प्रथम श्रेणी न्यायालय 20 दिसंबर 2023 । सत्य बोलना सत्य पर चलना और सत्य की रक्षा करना नंगे पांव नंगी तलवार पर चलने के समान है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने न्यायालय परिसर में न्यायाधीश एवं वकीलों को संयुक्त संबोधन में कहा कि शक्ति सबसे बड़ा धर्म है सत्य की रक्षा करना भगवान और धर्म की रक्षा करने के समान।
उन्होंने कहा कि सस्ता सुलभ और शीघ्र सामान्य जनता को न्याय मिले ऐसी व्यवस्था होना अत्यंत जरूरी है। मुनि कमलेश ने बताया कि मानवी संवेदना से औत-प्रेत न्याय व्यवस्था वरदान बनती है संवेदनाहीन अभिशाप बनती है। राष्ट्र संत ने कहा कि मानवीय मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक धर्म का प्रथम कर्तव्य है सामाजिक न्याय व्यवस्था की पुनर्स्थापना होनी चाहिए।
जैन संत ने कहा कि आज भी करीब 90% जनता को लोकतंत्र में अपने अधिकारों जानकारी नहीं है स्थान-स्थान पर सेमिनार आयोजित होने चाहिए जिससे जनता जागरूक होगी। नशा मुक्ति, पर्यावरण मिलावट, भ्रष्टाचार कट्टर सांप्रदायिकता के खिलाफ जन जागरण होना जरूरी है।
अभिभाषक संघ के प्रमुख अरुण सोहनी ने भाव विभोर होकर कहां की यहां के इतिहास में प्रथम बार किसी मुनि का आगमन हमारे अभिभाषक परिवार में वरदान और न्यायालय परिषद तीर्थ के रूप में परिवर्तित हो गया है।
बृजेश व्यास ने कहा कि मुनि जी की क्रांतिकारी विचारधारा ने हम सबको झकझोर दिया है कर्तव्य के प्रति जागरूक किया है उन्होंने बताया कि हमारी अभिभाषक परिवार में सभी वकील नशा मुक्त हैं। जूनियर जज प्रिय वंदाशुक्ला राजोरिया ने कहा कि संत के आशीर्वाद से जीवन की दिशा और दिशा दोनों बदल जाती है।
न्यायाधीश विवेक जैन ने कहा कि संतो के पुण्य प्रताप से अंतर मन में पवित्रता और निर्मलता का संचार होता है। अभिभाषक संघ की ओर से राष्ट्र संत का अभिनंदन किया करते हुए समाज और देश की सेवा के लिए समय देने का संकल्प लिया।