अवयस्क लड़की का लैगिंक शोषण करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4000 रुपये का अर्थदण्ड

आलोट/रतलाम । न्यायालय श्रीमान (महेश कुमार चौहान) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट आलोट जिला रतलाम के द्वारा अपने निर्णय दिनांक 04.01.2024 को अभियुक्त गोविंद पिता नानुराम गायरी आयु 22 वर्ष निवासी खासपुरा थाना आलोट जिला रतलाम को धारा 376(3) भादवि में 20 वर्ष सश्रम कारावास व 4000 रुपये अर्थदण्ड तथा धारा 366 भादवि में 07 वर्ष सश्रम कारावास व 2000 रुपये अर्थदण्ड, धारा 363 भादवि में 05 वर्ष सश्रम कारावास व 1000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण के पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक हैमेन्द्र कुमार गोयल ने बताया कि दिनांक 13.11.2021 को फरियादी/अभियोक्त्री के पिता ने पुलिस थाना आलोट पर उपस्थित होकर रिपोर्ट लेखबद्ध करायी कि, उसके दो लड़के व एक लड़की अभियोक्त्री, जो आज शाम को करीब 07:30 बजे अभियोक्त्री उसकी माता को बोलकर गई कि “में काका के घर जाकर आती हू”। अभियोक्त्री के घंटे भर बाद भी घर नही आने पर उसके माता-पिता व भाई, अभियोक्त्री के काका के घर जाकर अभियोक्त्री का पूछा तो उसने बोला कि अभियोक्त्री यहॉ नही आयी है, फिर उसने अभियोक्त्री की तलाश आसपास व रिश्तेदारो में भी फोन लगा कर पूछताछ की, परंतु अभियोक्त्री का कोई पता नही चला। अभियोक्त्री बिना बताये घर से कही चली गई है, उसकी लड़की अभियोक्त्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया है। फरियादी द्वारा बताई गई उक्त घटना पर से पुलिस थाना आलोट के अपराध क्रं. 470/2021 पर धारा 363 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दिनांक 29.11.2021 को अपहृर्ता को दस्तयाब किया गया, जिसके कथन लिये गये, तथा पीड़िता ने कथन में बताया कि आरोपी गोविंद द्वारा उसे बहला फुसलाकर ले गया ओर उसकी मर्जी के विरुद्ध लैगिंक शोषण करता रहा। उक्त कथन के आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 366, 376(3) एवं 376(2)एन भादवि तथा लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5(ठ)/6 का ईजाफा कर अभियोक्त्री का मेडिकल परीक्षण करवाया जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। तथा उसका भी मेडिकल परीक्षण करवाया जाकर आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र आरोपी के विरुद्ध माननीय विशेष न्यायालय में दिनांक 26.02.2022 को प्रस्तुत किया गया। माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 04.01.2024 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानते हुये अभियुक्त गोविंद पिता नानुराम गायरी को दोषसिद्ध किया गया । प्रकरण में शासन की ओर से सफल पैरवी विशेष लोक अभियोजक हैमेन्द्र कुमार गोयल द्वारा कि गई।