अवयस्क बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को 20 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया

रतलाम। न्यायालय श्रीमान (योगेन्द्र कुमार त्यागी) विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट रतलाम (म.प्र.) के द्वारा निर्णय दिनांक 19.01.2024 को अभियुक्त गणेश पिता नागजी निनामा भील उम्र 19 साल नि. ग्राम सिंगत छोटी थाना थांदला जिला झाबुआ (म.प्र.) को धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू. अर्थदण्ड एवं धारा 366 भादवि में 05 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदण्ड एवं धारा 363 भादवि में 03 वर्ष कठोर कारावास एवं 1000रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक श्रीमती गौतम परमार ने बताया कि दिनांक 10.01.2021 को फरियादी अभियोक्त्री (उम्र 17 वर्ष 11 माह) के पिता ने थाना रावटी पर उपस्थित होकर बताया कि दिनांक 05.01.2021 को मैं व मेरी पत्नी हम रावटी हाट बाजार करने आ गये थे। मेरी बडी लडकी व छोटी लडकी उम्र करीब 16 साल की घर पर थी। शाम करीबन 4 बजे वापस अपने घर गये तो देखा मेरी लडकी अभियोक्त्री घर पर नहीं मिली। बडी लडकी से पूछा तो उसने बताया कि दिन में करीबन 1 बजे में अभियोक्त्री को घर पर छोडकर तालाब पर नहाने चली गई थी। एक घण्टे बाद वापस आई तो अभियोक्त्री घर पर नहीं थी तो मैंने व मेरे परिवार वालों ने लडकी कुमकुम की आसपास गांवों में व अपनी रिश्तेदारी में काफी तलाश की किन्तु अभियोक्त्री का आज तक कोई पता नहीं चला। उसे कोई अज्ञात व्यक्ति बहलाफुसलाकर भगाकर ले गया है। आज मैं रिपोर्ट करने आया हूं कार्यवाही की जावे।
फरियादिया की उक्त सूचना पर से थाना रावटी द्वारा अभियोक्त्री के गुुम होने की गुम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। जांच के उपरांत अपराध क्रमांक 14/2021 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट भा.द.सं. की धारा 363 के अंतर्गत अज्ञात के विरूद्ध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
दिनांक 23.07.2021 को थाना परिसर रावटी, जिला रतलाम पर से अभियोक्त्री को पंचान के समक्ष दस्तयाब किया गया। थाना रावटी पर उपस्थित होकर अभियोक्त्री ने अपने कथन में बताया कि करीब 01 साल पहले रावटी हाट में मेरी पहचान आरोपी गणेश पिता नागजी निनामा निवासी सिंगत से हुई थी फिर हम दोनों रावटी में ही एक दूसरे से मिलते रहते थे जब से हम दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे व आरोपी गणेश ने मुझसे 7-8 महीने पहले बोला था कि मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं लेकिन घर वालों ने शादी करने से मना कर दिया तो मैंने ये बात गणेश को बताई थी। दिनांक 05.01.2021 को घर पर बिना बताये आरोपी गणेश के साथ मजदूरी करने के लिये बस से कोटा चले गये थे तथा इतने समय वहां पर ही हम झोपडी बनाकर रह रहे थे व मजदूरी का काम कर रहे थे आरोपी गणेश ने मुझे पत्नी बनाकर रखा व मेरे साथ कई बार गलत काम किया फिर पुलिस हमें ढंूढते हुए कोटा आई व वहां से हम दोनों को थाने पर लेकर आए।
विवेचना के दौरान अभियोक्त्री की दस्तयाबी उसका मेडिकल परीक्षण, कथन, गवाहन, आरोपी की गिरफ्तारी दिनांक 27.07.2021 एवं मेडिकल एवं अन्य विवेचना उपरांत आरोपी गणेश के विरूद्ध धारा 363, 366, 376, 376(2)(एन) भादवि एवं 5(एल)/6 लैगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
विचारण उपरांत माननीय विशेष न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दिनांक 19.01.2024 को अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजी, मौखिक साक्ष्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रमाणित मानते हुए अभियुक्त गणेश को दोषसिद्ध किया गया है।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती गौतम परमार विशेष लोक अभियोजक रतलाम द्वारा की गई।