राममय काव्य गोष्ठी का आयोजन

जावरा (अभय सुराणा) । समग्र मालवा जावरा द्वारा अयोध्या में भगवान श्री राम के मन्दिर मे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने श्री राम लहर को शब्दों के माध्यम से बाधते हुए भगवान श्री राम पर रचना पाठ करते हुए अपनी भावांजलि व्यक्त की। त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर बोर्डिया कुआं पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया ।कार्यक्रम के प्रारंभ में भगवान श्री राम के चित्र पर माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात मंगलाचरण श्री रतनलाल उपाध्याय रत्नेश ने किया ‌।
कार्यक्रम के प्रारंभ में समग्र मालवा के संरक्षक अभय कोठारी ने कहा कि आज देश में दो ही लहर चल रही है राम लहर और भगवा लहर इस समय पूरा देश राममय है और अयोध्या में भगवान श्री राम के मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है ।संपूर्ण देश में खुशी का माहौल है और लोग उत्साह से परिपूर्ण होकर भाव विभोर है ऐसे में अटल ग्राम विकास सामाजिक संगठन एवं समग्र मालवा द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन करना देश के आमजन की भावनाओं के साथ जुड़ने का ही एक उपक्रम है। आपने भगवान राम के चित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 1960 से पहले का चित्रकार द्वारा बनाया गया चित्र है जिसकी जीवंतता आज भी कायम है ।अपने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि 1992 में जब अयोध्या में कार सेवा चल रही थी तब जावरा में हमने श्री राम विद्या मंदिर की स्थापना की थी।
कार्यक्रम मैं उपस्थित श्री अभय कोठारी, जगदीश उपमन्यु, वीरेंद्र सिंह चौहान ,संजय व्यास , विनोद चौरसिया, अभय श्रीवास्तव ,अमित ताम्रकार ,अंबा प्रसाद शिकारी ने भगवान श्री राम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया।
काव्य गोष्ठी में श्री प्रकाश उपाध्याय ने अपनी सुंदर आवाज में “राम नाम लिखता हूं ,राम नाम गाता हूं, राम में ही रमता हूं -राम में समता हूं ” गीत प्रस्तुत किया ।श्री राजेंद्र श्रोत्रिय ने 1992 की कार सेवा के समय लिखे गए अपने गीत को प्रस्तुत करते हुए राम की महिमा का वर्णन किया ” राम मर्यादा है- त्याग है। राम वात्सल्य- अनुराग है। राम शबरी की भक्ति है ।राम जटायु की शक्ति है ।राम पुरुषोत्तम है -राम सहज सरल सर्वोत्तम है ।गीत प्रस्तुत किया। श्री सतीश शिकारी ने धनाक्षरी छंद पढ़ते हुए राम की महिमा का गान किया “राम नयनाभिराम राम विराजे अयोध्या धाम, चाहे प्रातः हो या शाम प्रभु नाम ही नाम “।श्रीमती सुनीता शर्मा ने मालवी भाषा में ” आज आया राम अयोध्या पुरी में मारा धन-धन भाग” गीत प्रस्तुत किया। इसी प्रकार चारु श्रोत्रिय ने भी मालवी गीत प्रस्तुत करते हुए राम जी को अपनी आदरांजलि प्रस्तुत की ।श्री संजय व्यास ने भी राम के ऊपर कविता पाठ किया। श्री विजय जैन राम की महिमा को व्यक्त करते हुए कहा कि” अब तो बस एक ऐसा काम हो जाए बाकी की जिंदगी प्रभु श्री राम के नाम हो जाए” क्षणिका प्रस्तुत की। श्री मनोहर सिंह चौहान मधुकर ने भगवान राम पर अपनी चौपाइयां प्रस्तुत करते हुए कहा कि ” पुत्र प्राप्ति यज्ञ दशरथ कराऐ। राम रूप में विष्णु घर आए ।राम जन्म सुंदर हितकारी प्रगटे असुर मर्दन त्रिमुरारी” श्रीमती लक्ष्मी जोशी ने भगवान राम की महिमा का गुणगान करते हुए भाव विभोर होकर अपनी रचना प्रस्तुत की “हे हनुमान सखा में राम पर क्या लिखूं” वही राजेंद्र त्रिवेदी ने “शबरी के झूठे बेर” की महिमा का वर्णन किया। श्री ओम प्रकाश शिकारी ने करुणा से भरे अपने गीत को प्रस्तुत करते हुए कहा कि “आए हो मेरी अयोध्या में तुम करुणा निदान” श्री रमेश मनोहरा ने राम की महिमा का बखान करते हुए कहा कि “माया है सब राम की राम का करो ध्यान, मिलेगा फिर जीवन में सुख समृद्धि श्रीमान ।
राममय गोष्टी ने अमिट छाप छोड़ते हुए वातावरण को राम मय कर दिया ।गोष्ठी का संचालन श्री रमेश मनोहरा एवं आभार प्रदर्शन श्री मनोहर सिंह चौहान मधुकर ने किया। उपस्थित सभी कवियों ने काव्य गोष्ठी के पश्चात त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर पर हनुमान जी की आरती का लाभ लिया।