नेत्रम संस्था के प्रयासों से 2 घंटे में 2 नेत्रदान हुए परिजनों ने समाजहित में कराया नेत्रदान

रतलाम। जीवन मे रहने के दौरान मानव सेवा करना और जीवन से चले जाने के बाद भी सेवा कार्य करने वाले बड़े ही विरले मिलते है ऐसे ही लोगो में शहर के दो परिवारों ने आदर्श उदाहरण पेश किया पहला नेत्रदान संत कंवरराम नगर सिंधु कॉलोनी निवासी श्री सत्यदेव गुरबानी सुपुत्र श्री धर्मदेव गुरबानी का हुआ श्री सत्यदेव गुरबानी के निधन के पश्चात उनके सुपुत्र श्री राजेश, राकेश गुरबानी ने श्री गिरधारी लाल वर्धानी की प्रेरणा से,समाज हित मे उनके दोनों अमूल्य नेत्रों का दान किया नेत्रदान के दौरान हेमन्त मूणत, ओमप्रकाश अग्रवाल, सलभ अग्रवाल, मनीष नेनानी, राजू परियानी, श्रीमती डिम्पल भाग्यवानी उपस्थित थे ,दूसरा नेत्रदान अरावली अप्पार्टमेंट निवासी धर्मनिष्ठ सुश्राविका श्रीमती उषा तरसिंग का हुआ उनके निधन के पश्चात श्री हर्ष जैन (ऋषभ) , एवम श्री शांतिलाल जी जैन बड़नगर वाला की प्रेरणा से पुत्र मनीष ,अरविंद तरसिंग भाई चंद्रप्रकाश, विनोद, जितेन्द्र मूणत, इन्दोर वालो की सहमति से पति श्री विमलचंद जी तरसिंग ने उनके नेत्रदान किये नेत्रदान के दौरान श्री हेमन्त मूणत उपस्थित थे, अब ऐसे लोग इस संसार को देख सकेंगे जिन्होंने आज तक कुछ नही देखा सिर्फ महसूस किया है दुसरो की जिंदगी में रोशनी लाने के इस पुनीत कार्य को अंजाम देने में दोनों नेत्रदान करवाने में नेत्रंम संस्था रतलाम के माध्यम से गीता भवन न्यास बड़नगर के सहयोग से डॉ जी एल दादरवाल न्यास कर्मचारी परमानंद द्वारा नेत्रदान सम्पन्न हुए। नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत,नवनीत मेहता, ओमप्रकाश अग्रवाल ,सलभ अग्रवाल,राकेश पोरवाल प्रशांत व्यास, शीतल भंसाली, जनक नागल ,इंजी. शैलेन्द्र अग्रवाल ,C. A.रितेश नागोरी, C. A. गौरव गांधी, भगवान ढलवानी, गिरधारी वर्धानी ,मंजुला माहेश्वरी, सपना दुबे, रीना टाक, राखी व्यास, कश्मीरा पाठक आदि ने गुरबानी परिवार एवम तरसिंग परिवार का आभार व्यक्त किया है।