





पुणे । पूज्य आचार्य भगवंत पुणे जिला उद्घाटक श्री विश्वकल्याण सूरीजी म.सा.आदि ठाणा एवं त्रिस्तुतिक गच्छ के संत मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.प्रीतियश विजयजी आदि ठाणा का आज पिंपरी (चिंचवड) में सामैया सहित मंगल प्रवेश हुआ। वाजते गाजते साजन माजन सह श्री शीतलनाथ जिनालय पहुंचे। दादा की चैत्यवंदना की गई। उपाश्रय भवन में धर्मसभा प्रारंभ हुई। पूज्य आचार्य श्री ने मंगलाचरण कर कहा कि भगवान के कल्याणक से नारकी के जीवों को भी साता मिलती है। परमात्मा कल्याणक सभी का कल्याण करें। मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी ने प्रभु के पंच कल्याणक के पंच संदेश बताये। सभी को दादा का जन्म कल्याणक आराधना भक्ति कर मनाया चाहिये। पांच महाभिषेक की बोलिया एवं आंगी की बोलिया की गई। प्रथम सर्वऔषधि अभिषेक वागोडा (राज.) नि. श्रीमती कंचनबेन प्रवीणजी भंसाली को मिला दूसरा दूध का अभिषेक मुकेश कुमार पवनजी अंगारा को मिला (नैनावा राज.) तीसरा अक्षत मिश्रित वासक्षेप वसंत भाई मुलतानमलजी पोरवाल चौथा जल अभिषेक झाब (राज.) नि. परेश भाई दुधमलंजी भंसाली पांचवा पुष्प अभिषेक बार्सी नि.विक्रम बभुतमलजी परमार द्वारा किया गया। रात्री में भक्ति की धूम रोनक परमार संगीतकार ने मचाई। श्री शीतलनाथ जैन श्री संघ पिंपरी ने सुंदर व्यवस्था एवं भक्ति की।