


नासिक रोड जैन स्थानक 7 फरवरी 2024 । हम जितने अंशो मै स्वार्थ से ऊपर उठते जाएंगे उतना ही धर्म के नजदीक होते जाएंगे उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि स्वार्थ अपने आप में हिंसा की जननी है विश्व के सभी धर्म ने इसको अनर्थ की खान बताया है।
मुनि कमलेश ने बताया कि संत बनना सरल है परंतु स्वार्थ का त्याग करना अत्यंत कठिन है स्वार्थ विजेता विश्व विजेता से बढ़कर है। राष्ट्रसंत ने कहा कि स्वार्थ में अंधा बना हुआ विवेक शून्य हो जाता है स्वार्थ से किया हुआ अमृत जैसा धर्म भी जहर में परिवर्तित हो जाता है। जैन संत ने बताया कि स्वार्थ के कीटाणु व्यक्ति को ब्लड प्रेशर, ब्रेन हेमरेज, हार्ट अटैक असाध्य रोगों का शिकार बनाता है आत्मा में कर्मों का संचय होता है दूर गति को प्राप्त करता है।
उपाध्याय प्रवर श्री गौतम मुनि जी ने कहा कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा और आराधना आत्म कल्याण में सहयोगी बनती है। आगम ज्ञाता श्री वैभव मुनि जी ने कहा कि आत्म कल्याण में सहयोगी बने वही जिंदगी का सार है। अनुष्ठान आराधीका महासती डॉक्टर कुमुद लता जी स्वर साम्रागी महासती महाप्रज्ञा जी ने गुरु भक्ति का गीत प्रस्तुत किया 9 फरवरी को कर्नाटक केसरी गुरुदेव गणेश जी लाल जी महाराज साहब की पुण्यतिथि जीव दया एवं एकासना दिवस के रूप में मनाई जाएगी।