रतलाम जिले के सरसी गांव में 1 अप्रेल से 7 अप्रेल तक होने वाले चूल तेरस महा महोत्सव की मीटिंग संपन्न लिए गए कई बड़े निर्णय..

जावरा (अभय सुराणा) जावरा के सरसी गांव के सुप्रसिद्ध जन जन की आस्था के केंद्र कहे जाने वाले राजा हनुमान जी महाराज के मंदिर पर 1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी होने जा रहा है चूल तेरस महा महोत्सव जिसको लेकर सकल पंच द्वारा गत रात्रि संपन्न हुई मीटिंग जिसमें मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गईं सरसी मैं आयोजित होने वाले मेले की तैयारी को लेकर समिति की बैठक हुई इसमें सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो इसके लिए विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे वही समिति के सदस्यों ने कहा कि रात्रि को आयोजित होने वाले मेले में सबसे बड़ी समस्या वाहनों के पार्किंग की होती इस बिंदु पर भी प्रकाश डाला गया एवम बिजली पानी साफ सफाई भोजन भंडारा एंबुलेंस फायर ब्रिगेड और डीजे को लेकर भी चर्चा हुई आपको बता दे कि रतलाम जिले में सरसी का मेला संस्कृति का प्रतीक माना जाता है यहां आसपास साहित दूर दराज के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बडी संख्या में लोग आते है मेला रात के अलावा दिन में भी चालू रहता है समिति की मीटिंग में अन्य कई विषयों पर चर्चा की गई मेले मैं बड़े झूले छोटे झूले चकरी दुकान इत्यादि लगने वाली जगह पर भी साफ-साफई का अभियान चालू कर दिया गया है इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण जन मीटिंग में उपस्थित रहे एवं सभी ने अपने-अपने विचार कार्यक्रम को लेकर व्यक्त किया कार्यक्रम की उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी पवन धाकड़ सरसी ने दी।
कार्यक्रम को लेकर मुख्य आयोजन इस तरह..
जैन गुरु भगवंतो के प्रतिदिन प्रवचन, नानी बाई का मायरा, भजन संध्या, रक्तदान शिविर, 56 भोग, कलश यात्रा, संपूर्ण सरसी नगर की आकर्षक साज सज्जा, प्रतिदिन यज्ञ एवं समस्त भक्तों हेतु प्रतिदिन भोजन भंडारा ।