

झुमरीतिलैया। श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतिलैया के नेतृत्व में जैन धर्म के 19 वे तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव बहुत ही भक्ति भाव के साथ श्री दिगंबर जैन मंदिर के निर्माणाधीन स्थल झुमरी तिलैया में मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम प्रातः देवाधिदेव 1008 श्री आदिनाथ भगवान,1008 श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान,1008 श्री पार्श्व नाथ भगवान की प्रतिमा को अपने माथे पर लेकर गाजे बाजे के साथ मंदिर की परिक्रमा करते हुए मंत्रोचार के साथ निर्माणाधीन स्थल पर पांडुक शिला पर विराजमान किया ओर जहाँ पर प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य अनिल जैन कासलीवाल,अनिल जैन ठोल्या, सुरेश जैन झांझरी, को प्राप्त हुआ साथ ही बहुत ही भक्ति भाव के साथ आज का विशेष मंत्रों द्वारा शांति धारा करने का सौभाग्य आज के पुण्याजक समाज श्रेष्टि सुशील जैन छाबडा,रौनक जैन कासलीवाल, रतन लाल जैन पहाड़िया, के परिवार को प्राप्त हुआ तत्पश्चात बहुत ही भक्ति भाव से संगीत मय पूजन सुबोध-आशा जैन गंगवाल के द्वारा 1008 श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान का किया गया इसके साथ ही पूर्व मंत्री ललित-नीलम जैन सेठी के परिवार को निर्वाण लाडू भगवान के चरणों में चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।ज्ञात हो कि आज फागुन कृष्ण बारस आज ही के दिन देवाधिदेव 1008 श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान का निर्वाण झारखंड के सवोच्च तीर्थ राज सम्मेद शिखर के पहाड़ से निर्जर कूट से हुआ था उस समय से पूरे दुनिया में आज के दिन मुनिसुव्रतनाथ भगवान का निर्वाण महोत्सव बहुत ही धूमधाम भक्ति भाव के साथ मनाते है, इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे जिसमें विशेष रूप से समाज के उप मंत्री नरेंद्र झांझरी,कोषाध्यक्ष सुरेन्द जैन काला, निर्माणाधीन मंदिर के संयोजक सुरेश जैन झांझरी, सुशील जैन छाबडा,विवेक जैन सेठी,अभिषेक जैन गंगवाल, प्रबीन जैन पाटनी ,निर्वाण महोत्सव के संयोजक अजय जैन सेठी,महिला समाज की अध्यक्षा नीलम जैन सेठी,मंत्राणी आशा जैन गंगवाल,वार्ड पार्षद पिंकी जैन आदि कई लोग उपस्थित हुए,पूजन के बाद णमोकार महामंत्र का अखंड पाठ संध्या 4 बजे तक हुवा ,रात्रि में प्रतिदिन के भाती णमोकार चालीसा का पाठ ,भक्तामर का पाठ लट्टू जैन छाबडा,विकाश जैन सेठी के निर्देशन में हुवा ।इसी के साथ स्थानीय पंडित अभिषेक शास्त्री के द्वारा 1008 मुनिसुव्रतनाथ भगवान के जीवन पर प्रकाश डाला। कोडरमा जैन समाज मीडिया प्रभारी नवीन जैन,राज कुमार जैन अजमेरा मौजूद थे।