
राहता जैन स्थानक 8 मार्च 2024 । मां और महिला ना होती तो महापुरुष और गुरु भी नहीं होते ।सृष्टि की रचना भी नहीं होती। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर वीरांगना सम्मान समारोह को संबोधित करते कहा कि महिलाओ के विकास के बिना विश्व के निर्माण की संपूर्ण योजनाएं व्यर्थ होगी । उन्होंने कहा कि महिला बेटी मां पत्नी दादी नानी कई रिश्तों में परिवार की धूरी है आज अपने बलबूते पर वह हर क्षेत्र में पुरुषों से दो कदम आगे जाकर कीर्तिमान स्थापित कर रही है । मुनि कमलेश से कहा कि सभी धर्म ग्रंथो में लिखा है नारी की उपेक्षा परमात्मा का अपमान करने के समान है । राष्ट्र संत ने कहा कि शरीर की रचना के आधार पर पुरुष और नारी की शक्ति को कम और ज्यादा मानना अज्ञानता का परिचय है। जैन संत ने कहा कि दुनिया से पति के जाने के बाद भी संघर्ष करके बच्चों को पांव पर खड़ा करती है नियम संयम का पालन करती है वह सदा सुहागन है आज । श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक राहत की ओर से विधवा शब्द का कलंक मिटाकर कुंकू हल्दी माला पहनकर वीरांगना से सम्मानित किया गया सैकड़ो बहनों की आंखें हर्ष के आंसू से छलक पड़ी मंगल काम में इनको आगे रखने का सभी ने संकल्प लिया । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से पूरे देश में वीरांगना अभियान चलाया जा रहा है जिसमें सभी धर्म जाति संप्रदाय राजनीतिक सामाजिक धार्मिक संगठन शासन प्रशासन मीडिया प्रमुखता से इस कार्य में जी जान से जुड़ गया है । महिला संघ की ओर से सभी को पांच प्रकार की प्रभावना बाटी गई 10 और 11 मार्च को श्रीरामपुर के अंदर वीरांगना सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।