ग्वालियर । आज 17 मार्च फाल्गुन अष्टमी से होलाष्टक प्रारम्भ हो गया है जो फाल्गुन पूर्णिमा 24 को समाप्त होगा । इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे और ना ही कोई नई वस्तु की खरीदी की जावेगी । ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल पुर्णिमा होली के पहले के आठ दिन होलाष्टक कहलाते है ।
पंचान के अनुसार इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष को अष्टमी तिथि का प्रारम्भ 16 मार्च को 9.38 बजे से हुआ, जिसका समापन 17 मार्च को रात 9.52 हुआ । ऐसे में होलाष्टक 17 मार्च से प्रारम्भ हो गया है जो कि 24 मार्च को समाप्त होगा । इसके बाद 25 मार्च को धुलेंडी यानी होली मनाई जाएगी ।
यह शुभ कार्य नहीं होगें
होलाष्टक के समय विवाह, ग्रह प्रवेश, मुंडन संस्कार, वाहन खरीद, नए निर्माण व नए कार्य को आरम्भ नहीं करना चाहिए ऐसा ज्योतिष शास्त्र का कंथन है । अर्थात इन दिनों में किए गए कार्यो से कष्ट, अनेक पीड़ाओं की आशंका रहती है तथा विवाह आदि सम्बंध विच्चेद और कलह आदि की संभावना बढ़ जाती है ।