शारीरिक संबंध बनाने से मना किया तो आरोपी ने जान से मारने के लिये केरोसिन डालकर आग लगा दी व किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी

रतलाम। मांगरोल निवासी आरोपी राजेश पिता मांगीलाल सिगोड़ को पंचम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम शैलेश भदकारिया की कोर्ट ने धारा 354 (क) में 2 वर्ष का कठोर कारावास ओर रु.500 का जुर्माना, धारा 307 में 7 वर्ष का कठोर कारावास ओर रु.1000 का जुर्माना, धारा 506 (भाग 2) में 1 वर्ष का कठोर कारावास ओर रु.500 का जुर्माने से दंडित किया है ।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि डॉक्टर भरत निनामा ने दिनांक 12 मई 2018 को जिला चिकित्सालय रतलाम से थाना स्टेशन रोड रतलाम पर अभियोक्त्री के जलने से उपचार हेतु जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती होने सम्बंधि सूचना दी। अभियोक्त्री ने पुलिस व तहसीलदार को दिए मृत्यु पूर्व कथन में उसके द्वारा स्वयं की गलती से चिमनी गिर जाने से आग लगने और उसके साथ कोई घटना घटित ना होना बताया गया।
इसके पश्चात दिनांक 15 मई 2018 को अभियोत्री के पिता मांगीलाल डामोर ने पुलिस चौकी सालाखेड़ी थाना स्टेशन रोड रतलाम पर एक लिखित आवेदन पत्र इस आशय का पेश किया कि दिनांक 12 मई 2018 उसकी लड़की को राजेश पिता मांगीलाल सिंगोड़ निवासी मांगरोल ने केरोसिन डालकर जला दिया और अस्पताल में भर्ती कर दिया और उसकी लड़की को डरा दिया था कि किसी को जलने की बात मत बताना तो उसकी लड़की ने दिनांक 12 मई को घटना की सही जानकारी नहीं दी थी उसे उसकी लड़की ने बताया कि राजेश ने केरोसिन डालकर जला दिया फरियादी की उक्त सूचना पर थाना स्टेशन रोड रतलाम पर अपराध क्रमांक 352/ 2018 धारा 307, 354 (क), 506 (भाग-2), 450 भारतीय दंड सहिता में अपराध पंजीबद्ध किया जाकर प्रकरण विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान दिनांक 15 मई 2018 को नायाब तहसीलदार दुबेन्द्रसिंह गोयल द्वारा दोबारा अभियोक्त्री के कथन लिए गए जिसमें उसने बताया कि आरोपी राजेश ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया मना करने पर राजेश ने घर पर रखी केरोसिन की केन से उसके ऊपर केरोसिन डालकर माचिस से आग लगा दी। राजेश ने उसे डराया था कि मेरे विरुद्ध बयान मत देना इसी कारण मैंने दिनांक 12 मई को सही घटना नही बताई। पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में विचारण पूर्ण होने पर निर्णय पारित कर आरोपी को दोषसिद्ध किया।
हॉस्पिटल में मेडिकल परीक्षण के समय अभियोक्त्री का शरीर 55 से 60% जला हुआ पाया गया उसके शरीर एवं कपड़ों से गन्ध आना एवं शरीर पूरी तरह से केरोसिन से भीगा हुआ व उसके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों का जलना पाया गया व मेडिकल रिपोर्ट में उसका जलना प्राणों के लिए घातक माना गया तथा घटनास्थल से एक प्लास्टिक की कैन, अभियोक्त्री के जले हुए कपड़े व एक जली हुई तिल्ली मिली जिन्हें जप्त कर फॉरेंसिक जाँच हेतु सागर भेजा था जहां से जाँच जाँच रिपोर्ट में सभी वस्तुओं पर केरोसिन पाया गया।