
रतलाम। मालवा की उर्वरा एवम साहित्यिक भूमि रतलाम में फॉग उत्सव में कवियों ने काव्य रस के विभिन्न रंग बिखेरे । मध्य प्रदेश लेखक संघ इकाई रतलाम द्वारा इकाई की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती कविता व्यास के आवास पर उनके जीवन साथी स्वर्गीय श्री विवेक व्यास की स्मृति में फागुनी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । इसमें शहर के प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी हास्य व्यंग्य एवं फागुनी गीतों एवं कविताओं के माध्यम से काव्य गोष्ठी को उत्सवी माहौल से खुशनुमा बना दिया ।कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती कविता व्यास की सुमधुर आवाज में सरस्वती वंदना से किया गया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जन्मेजय उपाध्याय ने की ।मुख्य अतिथि में देश के ख्यातनाम शायर श्री बालक राम शाद ने अपनी बेहतरीन गजलों एवं नगमों से सभी को आनंदित किया वहीं इंदौर के वरिष्ठ कवि श्री मनोहरलाल सोनी”बाबा” ने अपनी चुटीली व्यंग्य कविता एवं पैरोडी से सभी को हंसाया ।”लाल लाल टेसू दहक रहा है फूला महुआ भी महक रहा है गाकर भगोरिया का आगाज डॉक्टर गीता दुबे ने कर भगोरिया को जीवंत कर दिया । “तूम छिपे हो कही तो आ जाओ, मौत सांसों के पर कतरती है” गजल का आगाज शायर दिनेश “दीपक” किया तो श्रोताओं की अपनी भरपूर दाद से उन्हें नवाजा।बहुत से लोग मिलते है मुहब्बत क्यों करू सबसे,मिले जहां प्रीत की दौलत वहां से दौड़ कर लाई” शायरा आशा रानी उपाध्याय ने पढ़ी तो उपस्थित श्रोताओं ने तालियों की गडगढ़ा हट से उनकी हौसला अफजाई की।श्री दिनेश जैन, हरीशंकर भटनागर,सुभाष यादव,सुभाष शर्मा,मुकेश सोनी”सार्थक”, अकरम शैरानी,सुनील व्यास, श्रीमति रजनी व्यास,श्रीमति किरण ओझा,श्रीमति रीता दीक्षित,श्रीमति बाला व्यास,श्रीमति ज्योति व्यास श्रीमति प्रीति पंवार,श्रीमति कुमुद अवस्थी,श्रीमति वंदना क्षोत्रिय,श्रीमति प्रेक्षा श्रीमाली,श्रीमति भारती व्यास, डॉक्टर सोना नागर,सुश्री ज्योति आदि ने गीत,गजल,कविता,पैरोडी सहित सतरंगी रंगो से महफिल में फॉग के मधुर गीतों से माहौल को शब्दों के रंग से संवारा।इस अवसर पर आपस में रंग और गुलाल एक दूसरे को लगा कर होली के उत्सव की शुरुआत हुई।कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ शायर श्री गौरीशंकर खींची ने किया। कार्यक्रम के सूत्रधार एवम लेखक संघ रतलाम के अध्यक्ष दिनेश चंद्र उपाध्याय ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी कवियों एवम श्रोताओं का ह्रदय से आभार व्यक्त किया।