सम्मेदशिखर जी मे सिद्ध चक्र महामंडल विधान में आज पांचवा दिन

परम पूज्य आर्यिका श्री 105 सुयोगनन्दी जी माता जी का मंगल आशीर्वाद मिला

सम्मेदशिखर जी । जिसके दर्शन से जीवन सफल हो जाता है ऐसी शास्वत तीर्थ सम्मेदशिखर जी मे छाबडा परिवार लालगोला के द्वारा सिद्धायतन परमपूज्य आर्यिका रत्न श्री 105 सुयोगनन्दीमाता जी ओर क्षुल्लक 105 प्रसांत सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान ओर विश्व शान्ति महायज्ञ का आज पांचवा दिन 1008 आदिनाथ भगवान का प्रथम अभिषेक ओर सहस्र नाम के 1008 मंत्रो से विशेष शन्तिधारा दिग्विजय-लहर छाबडा दिल्ली के द्वारा किया गया इसके पश्चात पंडित मुकुल जैन अजमेर द्वारा सभी आरंभिक किर्यायों के साथ विधान प्रारंभ हुआ जिसमें आज 512 अर्ध ओर श्री फल प्रभु के चरणों मे सोधर्म इन्द्र अरुण-संतोष छाबडा के साथ सभी इन्द्रो के द्वारा मंडप पे चढ़ाया गया ।
इस विशेष अवसर पर पूज्य आर्यिका 105 सुयोग्यनंदी माता जी ने अपने मंगल उद्बोधन करते हुये कहा कि सिद्ध चक्र महामंडल विधान अरबपति खरबपति नहीं या पैसे वाले नही कर पाते है ,जो मन के धनी होते हैं जो किस्मत के धनी होते हैं और जिनका पुण्य जोर मारता है वो ही साक्षात भगवान के दरबार मे विधान करा पाते है ओर ये छाबडा परिवार का तो पुण्य का उदय है कि शास्वत भूमि जहाँ से अनंतानंतसिद्ध परमेष्टि सिद्धत को प्राप्त किये है उस भूमि में विधान कराकर पुण्य अर्जित कर रहे है
क्षुल्लक 105 प्रसांत सागर जी महाराज ने कहा कि जो पाप कर्म तप और त्याग से नही कट सकते हैं वो पाप कर्म सिद्धचक्र विधान विधान करने से कटते है ।अठाई में आठ दिनों तक उपवास करने वाले धनबाद के प्रवीण गोधा को ओर विधान पुण्याजक अरुण-संतोष,दिग्विजय-लहर, धनंजय छाबडा दिल्ली को विशेष मंगल आशीर्वाद माता जी ने दिया।
संदया में भब्य आरती के साथ आर्यिका 105 विनीत श्री माता जी से 27 मार्च को सम्मेदशिखर जी मे दीक्षा लेने वाली दीक्षार्थी दीदी का गोद भराई कार्यक्रम हुवा । इसके पश्चयात भजनों ओर भक्ति नृत्य का कार्यक्रम हुवा । इस विधान में विशेष रूप से लालगोला,दिल्ली, कोलकोत्ता,अलीगढ़,कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद,गोवाहाटी,पुरुलिया, डिमापुर,जयपुर आदि से अनेक श्रद्धालु भक्त शामिल हैं । उक्त जनकरी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा ने दी ।