नारी शक्ति ने अदम्य साहस के साथ झांसी की रानी बनते हुए विश्व में नए कीर्तिमान स्थापित किए – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

जोधपुर । नारी को अबला के नाम से पुकारना अथवा स्वयं नारी अपने आप को अबला मानना दोनों ही अज्ञान दशा का प्रतीक है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गोसेवा महिला मंडल को संबोधित करते कहा कि नारी ना कभी अबला थी नहीं है और भविष्य में भी नहीं बनेगी मुनि कमलेश ने कहा कि नारी ने घर की चारदीवारी के बाहर निकल कर अदम्य साहस के साथ झांसी की रानी बनते हुए विश्व में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं जैन संत ने कहा कि पुरुष के विकास का संपूर्ण श्रेय नारी को मां बहन या पत्नी के रूप में जाता है इतिहास इसका साक्षी है मील के पत्थर की भांति उसका योगदान है । राष्ट्र संत ने स्पष्ट कहा कि कोविड-19 की परवाह न करते हुए कोरोनावायरस योद्धा बनते हुए सेवा के कार्यों के अग्रसर आकर सभी का हौसला बुलंद कर रही है । उन्होंने कहा कि 1 महीने में 200 बहनों ने संगठन बनाकर अपने बलबूते पर मोकलवास गो मंदिर मैं गौ माता की सेवा भेरूजी मंदिर वर्ली मछलियों की सेवा अरना झरना में मछलियों की सेवा तन मन धन से करते हुए आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं गोसेवा महिला मंडल के अध्यक्ष शकुंतला नागोरी उपाध्यक्ष पिस्ता बागरेचा मंत्री मंजू जैन सामंती सुशीला मेहता संगठन मंत्री सुशीला छाजेड़ प्रचार मंत्री कंचन बापना कोषाध्यक्ष प्रेमलता गोलिया सहित सैकड़ों नारी शक्ति ने कोरोनावायरस वॉरियर्स के सम्मान में 10 अक्टूबर को रात्रि 9:00 बजे 5 मिनट के सम्मान में लाइट बंद कर मोमबत्ती जलाने का आव्हान संपूर्ण देशवासियों से किया है अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली जिला अध्यक्ष विशाल मेहता श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जोधपुर के अध्यक्ष सुगन चंद धारीवाल ने समर्थन करते हुए संपूर्ण जनता से भाग लेने का आह्वान किया ।

गोसेवा महिला मंडल ने गत दिवस गौशाला में गौ सेवा कर गौसेवा संचालन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली ।