
रतलाम। नेत्रम संस्था के हेमन्त मूणत ने बताया कि मोबाइल व्यवसायी जिनेन्द्र जैन के पुज्य पिताजी वरिष्ठ सुश्रावक श्री रूपचंद दुगड़ का स्वर्गवास होने पर नेत्रम संस्था के विजय मूणत, राजकमल जैन, नवीन चौधरी (कनेरी), संजय चौधरी( कनेरी), दिलीप भंसाली, रवि नाहर द्वारा पुत्र जिनेन्द्र जैन व परिजन को पूज्य पिताजी के नेत्रदान हेतु प्रेरित किया। परिजनों की सहमती मिलने के पश्चात संस्था द्वारा गीता भवन न्यास बडनगर के ट्रस्टी एवम नेत्रदान प्रभारी डॉ जी.एल.ददरवाल को सूचित किया। सूचना प्राप्त होते ही वे अपनी टीम के परमानंद राठौर के साथ तत्काल बडनगर से रतलाम पहुँच कर कार्निया लेने की प्रक्रिया पुर्ण कर नेत्रंम संस्था रतलाम के माध्यम सफल नेत्रदान करवाया। नेत्रदान के दौरान हेमन्त मुणत, ओमप्रकाश अग्रवाल, शलभ अग्रवाल, गिरधारी लाल वर्धानी, भगवान ढलवानी, सुशील (मीनु) उपस्थित थे। नेत्रम संस्था के शीतल भंसाली, नवनीत मेहता, प्रशान्त व्यास, राखी व्यास, मंजुला माहेश्वरी, सपना अरविन्द दुबे, रीना टाक, कश्मीरा पाठक ने दुगड़ परिवार के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित प्रकट करते हुए धन्यवाद व्यक्त किया।