स्कूली टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 10 और 16 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा

  • सरकारी स्कूलों में लगेंगे टीके
  • डिप्थीरिया और टिटनेस से बचाव होगा

रतलाम 3 अगस्त 2024। जिला प्रशिक्षण केंद्र वीरियाखेड़ी पर स्कूल शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आनंद चंदेलकर ने बताया कि स्कूली टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत रतलाम जिले में 8 अगस्त से सरकारी स्कूलों में कक्षा पांचवी और ग्यारहवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों (10 साल और 16 साल) को टी डी का वैक्सीनेशन का एक टीका बाह पर लगाया जाएगा। वैक्सीनेशन कार्यक्रम प्रत्येक गुरुवार को शासकीय शालाओं में निर्धारित समय अनुसार आयोजित किया जाएगा। संबंधित उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम अपने क्षेत्र में शासकीय शाला में बच्चों का टीकाकरण करेंगे। टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान एक कार्य दिवस में अधिकतम 50 से 60 बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। डब्लू एच ओ के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर रितेश बजाज ने बताया कि टिटनेस एवं डिप्थीरिया दोनों जानलेवा बीमारी है। टिटनेस क्लास्टेडियम टेटनी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके प्रमुख लक्षण में बच्चे का शरीर अकड़ना मुख्य है। डिप्थीरिया की बीमारी कॉर्नि बैक्टेरियम डिप्थीरी नामक बैक्टीरिया के कारण होती है, इस रोग से पीड़ित बच्चे में गले में झिल्ली बन जाती है, जिसके कारण श्वसन में बाधा उत्पन्न होती है। इन बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों का वैक्सीनेशन कराया जाना आवश्यक है। वैक्सीन से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। नियमित टीकाकरण के अंतर्गत वैक्सीन उपलब्ध हैं।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वर्षा कुरील ने बताया कि वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान बच्चों के आधार कार्ड का नंबर एवं अभिभावक का मोबाइल नंबर उपलब्ध होने की स्थिति में उनका ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके ऑनलाइन प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। आधार कार्ड अथवा मोबाइल नंबर उपलब्ध न होने की स्थिति में भी बच्चों का वैक्सीनेशन किया जाएगा, किंतु प्रमाण पत्र जनरेट नहीं हो सकेगा। बैठक के दौरान शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।