वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र की अभिनव पहल: वैदिक संस्कृति से जुड़ीं बालिकाएं

एक माह के प्रशिक्षण के समापन पर हुआ तीन दिवसीय 9 कुंडीय यज्ञ, प्रतिभाशाली कन्याओं का सम्मान

रतलाम। वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र द्वारा सनसिटी स्थित बड़े गार्डन में आयोजित एक माह के वैदिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन तीन दिवसीय 9 कुंडीय यज्ञ के साथ सम्पन्न हुआ। केंद्र की संचालिका श्रीमती राजश्री सिंह के मार्गदर्शन में बालिकाओं को वैदिक मंत्रोच्चारण, श्लोक पाठ एवं भारतीय संस्कारों का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समापन अवसर पर आयोजित यज्ञ में प्रशिक्षित एवं प्रतिभाशाली कन्याओं ने वैदिक मंत्रों और श्लोकों का शुद्ध एवं प्रभावशाली उच्चारण कर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं एवं कॉलोनी वासियों ने बालिकाओं के आत्मविश्वास और संस्कारयुक्त प्रस्तुति की सराहना की।

विधिवत हवन-पूजन एवं प्रसाद वितरण
कार्यक्रम के अंतिम दिन वैदिक विधि-विधान से हवन-पूजन सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं एवं कॉलोनी वासियों को प्रसाद वितरित किया गया। यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान का वातावरण भक्तिमय एवं संस्कारमय रहा।

राजश्री सिंह का किया सम्मान
इस सफल एवं प्रेरणादायक आयोजन के लिए सनसिटी कॉलोनी रहवासी कल्याण समिति द्वारा श्रीमती राजश्री सिंह को साधुवाद ज्ञापित करते हुए सम्मानित किया गया। समिति ने उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समिति के अध्यक्ष विनोद राठौड़ तथा संरक्षक आशुतोष त्रिवेदी ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बालिकाओं में वैदिक ज्ञान एवं संस्कारों का विकास समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

संस्कृति संरक्षण की दिशा में प्रेरक पहल
वीरांगना संस्कार कन्या केंद्र की यह पहल न केवल बालिकाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ रही है, बल्कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता एवं संस्कारों के संवर्धन का सशक्त माध्यम भी बन रही है। इस आयोजन ने क्षेत्र में वैदिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया है।

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