

रतलाम। सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान शुक्रवार को नेमिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक की बात वर्धमान तपोनिधि पूज्य आचार्य देव श्री नयचंद्रसागर सुरीश्वर जी म.सा. ने बताई। उन्होंने प्रभु के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताएं कि किस तरह से भगवान ने जीवन को जिया और लोगों का कल्याण किया।
इस अवसर पर आचार्य श्री द्वारा प्रभु के जीवन की महिमा का गुणगान करते हुए बताया कि प्रभु ने जीवन में कभी किसी के प्रति राग-द्वेष नहीं रखा। उन्होने पूरा जीवन सहजता के साथ व्यतीत किया और सबके कल्याण की भावना रखी। आचार्य श्री ने श्रावक, श्राविकाओं को नवकार महामंत्र की महिमा भी बताई। गणिवर्य डॉ. अजीत चंद्र सागर जी म.सा. द्वारा आत्म कल्याण से किस तरह प्रभु के मार्ग पर जाया जा सकता है और मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है उस बारे में बताया। श्री देवसुर तपागच्छ चारथुई जैन श्री संघ गुजराती उपाश्रय रतलाम एवं श्री ऋषभदेव जी केसरीमल जी जैन श्वेतांबर पेढ़ी रतलाम ने समाजजनो से प्रवचन श्रृंखला में अधिक से अधिक उपस्थित रहकर धर्मलाभ लेने का आव्हान किया।