संघ एकता के लिए आचार्य पद त्याग कर श्रवण संघ में सम्मिलित होने पर आचार्य शिवमुनिजी ने पूज्य श्री सुभद्रमुनिजी जी को प्रवर्तक पद से अलंकृत किया, अ.भा.जै.दि. मंच द्वारा अभिनंदन

संघ एकता के लिए आचार्य पद त्याग कर श्रवण संघ में सम्मिलित होने पर आचार्य शिवमुनिजी ने पूज्य श्री सुभद्रमुनिजी जी को प्रवर्तक पद से अलंकृत कियाजोधपुर । आचार्य सम्राट ध्यान योगी विश्व संत परम श्रद्धा पद गुरुदेव डॉक्टर शिव मुनि जी ने क्रांतिकारी इतिहास रचते हुए मुनी माया राम संघ के आचार्य प्रवर श्री सुभद्र मुनि जी को विशाल संघ में सम्मिलित करके उदारता विशालता का परिचय दिया इससे पहले आचार्य पद का स्वेच्छा से त्याग करते हुए पूज्य सुभद्र मुनि जी ने जिस श्रद्धा समर्पण भक्ति के साथ एकता में योगदान दिया महावीर के शासन को मजबूती प्रदान करते हुए इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ का निर्माण किया यह महावीर के शासन में आदर्श है काश सभी आचार्य इसका अनुसरण करें तो महावीर के शासन में चार चांद लगाने का पुण्य उपार्जन करेंगे। विशाल श्रमण संघ के प्रवर्तक पद को सुशोभित करने के लिए आपका हार्दिक वंदन अभिनंदन आप दीर्घ अनुभवी है । आत्म साधना के साथ-साथ शासन की प्रभावना में आपका जो योगदान रहा वह अविस्मरणीय है । इसी प्रकार श्रमण संघ के मंत्री त्यागमूर्ति गुरुदेव आशीष मुनि जी को प्रवर्तक पद से नवाजा गया मैं तो कहूंगा इसे पद गौरवान्वित हुआ है हम सभी शासन के सिपाही बनकर शासन की रक्षा सेवा और विकास के अंदर अंतरण से समर्पित हो जाए यही आचार्य भगवन के प्रति हमारी सच्ची आस्था और निष्ठा होगी अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली ने 18 राज्यों के अंदर प्रवर्तक महोत्सव गौ सेवा दिवस के रूप में मनाने का तय किया है साथ ही दोनों गुरु भगवं के उज्जवल भविष्य की मंगल कामना करते हुए दीर्घायु बने रहने की कामना की गई ।

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