बालेसर केतु कला (जोधपुर) । इंसान के बिना पशु जंगल पर जिंदा रह सकता है लेकिन पशु के बिना इंसान एक पल भी जिंदा नहीं रह सकता है पशुओं का कत्ल इंसान के कत्ल से बढ़कर है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने श्री जीवराज सिंह जैन दिवाकर गौशाला गुरु रमेश कमल तीर्थ केतु कला मैं चोपन बीघा पर भूमि पूजन समारोह संबोधित करते कहा कि मानव की बढ़ती जनसंख्या और घटता पशुधन प्रकृति के लिए खतरनाक संकेत है । उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व 1000 व्यक्ति के पीछे 465 पशुधन था आज 1000 के पीछे 125 भी नहीं है पशुधन का कोई विकल्प नहीं है जो हीरे पन्ने माणक मोती से कीमती है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संतुलन में पशुओं का योगदान ऑक्सीजन के महत्वपूर्ण है उनकी रक्षा में ही विश्व की रक्षा निहित है । मुनि कमलेश ने बताया कि दुर्भाग्य है सरकार पानी और वृक्षों के लिए अरबों रुपए खर्च करती है और पालतू पशु पर खंजर चलाती है । राष्ट्रसंत स्पष्ट कहा कि खूंखार जंगली जानवर की रक्षा के लिए अरबों खर्च करती है और शिकार पर दंड देती है तो फिर पालतू पशुओं की रक्षा के लिए क्यों नहीं । जैन संत ने बताया कि मानवाधिकार की भांति पशु अधिकार का भी गठन होना चाहिए नहीं तो पर्यावरण स्वास्थ्य आर्थिक ता साथ कुठाराघात होगा घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए केतु सरपंच नाथू सिंह चंपालाल बागरेचा राजकुमारी जैन याद लाभचंद टाटिया हीरालाल जैन सवाई सिंह प्रमोद जैन कान राज मोहनोत श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ महावीर भवन जोधपुर आदि 10 लोगों ने एक लाख रू. की घोषणा की सांसद और विधायक कोटे से पांच पांच लाख का आश्वासन मिला कुल मिलाकर 25 लाख की राशि एकत्रित हुई जिला संघ संचालक नरपत सिंह जी पूर्व कप्तान अमर सिंह जी ईश्वर दास सरपंच जुडिया मनोहर विश्नोई जबर सिंह संता सुनील चोपड़ा अशोक गोलेछा दिनेश बाफना ना गुणवंत राज मेहता विशाल जैन मनीष जैन अशोक विश्नोई विक्रम शकुंतला नागोरी पिस्ता बागरेचा सुमित्रा नागोरी आदि ने सेवा का भरपूर लाभ लिया भारी संख्या में जनसमूह एकत्रित हुआ।