पंडित रत्न पूज्य गुरुदेव जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म.सा. के स्मरण मात्र से बिगड़े काम बन जातें हैं

जावरा (अभय सुराणा) । जब-जब धरती पर अन्याय हुआ है तब-तब महापुरुषों ने जनमानस को धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए जन-जन का कल्याण किया और हमें भी महापुरुषों के बताये मार्ग पर चलकर जीवन का कल्याण करतें हुए धर्म पथ चलतें रहना चाहिए। ऐसे ही प्रात: स्मरणीय प्रसिद्ध वक्ता श्रमण संघ एकता के अग्रदूत, जगत् वल्लभ, भारत भुषण, जन जन कि आस्था के केंद्र, पंडित रत्न पूज्य गुरुदेव जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म.सा. ने अपनें जीवन मै महलों से लेकर झोपड़ी तक भगवान महावीर कि वाणी से अवगत कराते हुए अंहिसा परमोधर्म के सिद्धांत पर चलतें हुए गुरुदेव कि वाणी के प्रभाव में तात्कालिन राजा महाराजाओं नवाबों ने गुरुदेव के विहार करतें-करतें जब राजशाही राज्यों मै प्रवेश करतें तब वहां के राजा महाराजा नवाब द्वारा क्षेत्र में जीवदया के प्रति पुर्ण से आस्थावान होकर सहजता सरलता के साथ संबधित क्षेत्र में कत्लखाने प्रतिबंधित करनें के आदेश देकर आजीवन जीवदया पट्टा करतें थे ऐसे महापुरुष जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म सा थे जिनके स्मरण मात्र से बिगड़े काम बन जातें हैं सदी के महान संत रहें गुरुदेव का 71 वां पुण्य स्मरण दिवस साथ ही भक्तों के भगवान गज कर्नाटक केशरी खादीधारी श्री गणेश लाल जी म सा एवं श्रमण संघ के दितीय पटधर आचार्य सम्राट श्री आनंद ॠषी जी म सा के दिक्षा जयंती पर श्रमण संघीय आचार्य, युवाचार्य, उपाध्याय द्धय, प्रवर्तक द्धय एवं समस्त गुरुभंगवतो के पावन सानिध्य मै पुरे भारतवर्ष मै 71071 सामुहिक सामायीक, 7171 सामुहिक एकासन, एवं जीवदया एवं मानवसेवा के कार्य जगह-जगह पर 23 दिसंबर बुधवार संवत् 2077 मृगसर सुदि 9 किये जायेगे । उक्त जानकारी देते हुए राष्ट्रीय मंत्री जैन कांफ्रेंस युवा शाखा नईदिल्ली के संदीप रांका ने बताया कि आचार्य सम्राट श्री आनंद ॠषी जी म सा के कि स्मृती मै अहमदनगर में श्री आनंद ॠषी जी म सा म सा हास्पीटल स्कुल कालेज का संचालन समाज द्वारा किया जा रहाँ है गज कर्नाटक केशरी खादीधारी श्री गणेश लाल जी म सा की स्मृति में देशभर मै जीवदया के लिये जालना मै सर्वसुविधा युक्त गोशाला के संचालन के साथ मानवीय सेवा के कार्य कर आमजन एवं मुकप्राणीयो की प्रति संवेदना पूर्वक कार्य किये जा रहें है ।
पुज्य गुरुदेव जैन दिवाकर श्री चौथमल जी म सा की स्मृति में जगह-जगह गोशाला,अस्पताल, स्वधर्मी सहायता जैसे स्थाई कार्य चल रहें है सभी धर्मानुरागी श्रावक श्रावीका से निवेदन है कि ज्यादा से ज्यादा त्याग तपस्या सामायीक करनें की अपील संदीप रांका, बाबुलाल ओस्तवाल, दिपचंद डांगी, मनोहरलाल चपडोद, पारसमल बरडीया, बसंतीलाल चपडोद,आदि ने कि है।