
इंदौर (राजेश जैन दद्दू ) । श्रुत संवेगी श्रमण आदित्यसागर जी महाराज ससंघ का सुमतीधाम में विराजमान हैं । पट्टाचार्य आचार्य विशुद्धकुल गौरव, आध्यात्मिक श्रुतसंवेगी श्रमण मुनि श्री १०८ आदित्यसागर जी महाराज , श्रुतप्रिय श्रमण मुनि श्री १०८ अप्रमितसागर जी महाराज, तपसाधक श्रमण मुनि आराध्य सागर महाराज श्रमण सहजानंदी श्रमण मुनि श्री १०८ सहजसागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री १०५ श्रेयससागर जी महाराज संसघ तीर्थ स्वरूप जिनालय सुमतीधाम इंदोर में विराजमान है | मुनी संसघ की चरण धूलि से पावन हो रही है, मां अहिल्या की नगरी इंदोर की वसुधा | नित्यम आदित्यम आनंदम |
श्रुत संवेगी श्रमण आदित्य सागर महाराज ने अपनी मंगल देशना में कहा कि – जों परिवर्तन से डरते हैं और संघर्ष से कतराते हैं, वो लोग मनुष्यों में सबसे बडे कायर हैं | वीर बने, डरपोक नहीं बने | मनुष्य बने, कायर न बने | धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गुरुदेव ने महती धर्म सभा में कहा कि- परिवर्तन और संघर्ष से मत भागो, उसे स्वीकारो, उसमे खुद को ढालों जब तुम दुसरों को हराओगे, तब तुम खुद भी मुस्कुराओगे | अच्छा काम करोगे तो नाम और शोहरत जरूर पाओगे | गुरु देव ने कहा कि इत्र छिडकने वाले के हाथ भी महकते हैं,मेला उठाने वाले के हाथ बदबू देते हैं |
मुनि श्री आदित्य सागर महाराज जी के निर्देशन में आचार्य श्री विशुद्धसागरजी महाराज का पट्टाचार्य महा महोत्सव 25 अप्रैल 2025 में 2 मई 2025 तक तीर्थ स्वरुप जिनालय सुमतिधाम इंदोर में संपन्न होने जा रहा है।