इंदौर (राजेश जैन दद्दू ) । इंदौर होने वाले 27 अप्रैल को श्री विशुद्ध सागरजी को मिलने वाला पट्टाचार्य पदारोहण महामहोत्सव में सम्मिलित होंगे 500 से अधिक आचार्य परमेष्ठि , उपाध्याय परमेष्ठि साधूं परमेष्ठि, एक, छूल्क, गणनी आर्यिका माता, माता छूल्लीका माता , ब्रह्मचारी भैया, ब्रह्मचारिणी बहने एवं इस महामहोत्सव में लाखों लोगों का समागम होने जा रहा है । धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्रमण संस्कृति के समाधिस्थ गणाचार्य श्री विरागसागर जी के अंतिम उपदेशानुसार, जैनाचार्य शताब्दी देशना चार्य, चलते फिरते धरती के देवता श्री विशुद्ध सागर जी महामूनी राज को पट्टाचार्य पद महामहोत्सव का आयोजन 27 अप्रैल से 2 मई 2025 तक इंदौर के तीर्थ स्वरूप सुमति धाम, जिनालय में पट्टाचार्य महामहोत्सव होगा। इसमें जैनाचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी को पट्टाचार्य पद पदारोहण के संस्कार प्रदान किए जाएंगे ।
राजेश जैन दद्दू ने कहा कि इस कार्यक्रम में पहुंचने से पहले ऑल लाइन एंट्री कर बारकोड दिखाकर ही महोत्सव में एंट्री होगी, बिना बारकोड से एंट्री प्रवेश नहीं मिलेगा। दद्दू ने बताया कि इंदौर के तीर्थ स्वरूप सुमति धाम यह भव्य आयोजन लगभग 65 एकड़ भूमि में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से गुरु – भक्त परिवार की विशाल उपस्थिति रहेंगी।
27 अप्रैल 2025, रविवार को सभी संघों का एक साथ सुमति धाम में प्रवेश होगा। आयोजन में लगभग 500 संत-साध्वियाँ और 300 से अधिक त्यागी-वृत्ति वाले श्रावक शामिल होंगे। 30 अप्रैल 2025, अक्षय तृतीया के शुभ दिन प्रातःकाल में शुभ मूहूर्त में चर्या शिरोमणि, शताब्दी देशना चार्य आचार्य विशुद्ध सागर जी पट्टाचार्य-पद से सुशोभित किया जाएगा।
2 मई 2025 को श्रमण संस्कृति के समाधिस्थ गणाचार्य श्री विरागसागर जी की 61 वें जन्म जयंती बड़े धूमधाम से मनाई जाएगी। तीर्थ स्वरूप जिनालय सुमति धाम के न्यासी सपना मनीष गोधा ने भारत वर्षीय जैन समाज से आह्वान किया कि आप इस महामांगलिक महामहोत्सव मे परिवार सहित पधारे और धर्म लाभ प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य कर नमोस्तु शासन जयवंत हो का गुणगान करें।