
बालोतरा नाकोड़ा तीर्थ। जैन आराधना भवन करोड़ों का गया हुआ धन वापिस पाया जा सकता है लेकिन विश्व की संपूर्ण संपत्ति देकर भी गया हुआ पल वापस नहीं आ सकता एक पल की कीमत विश्व की संपूर्ण संपत्ति से भी बढ़कर है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने नाकोड़ा तीर्थ जैन आराधना भवन में नववर्ष पर संबोधित करते कहा कि जो समय के महत्व को नहीं जानता वह धर्म और भगवानके को भी नहीं समझता है।
उन्होंने कहा कि वैसे तो हर पल नया है समय की गति को रोका नहीं जा सकता यह क्षमता भगवान ने भी नहीं है लेकिन को सफल करना हमारे हाथों में।
मुनि कमलेश ने कहा कि जिस समय हम परमार्थ के कार्यों का संकल्प लेकर शुरुआत करते हैं वही हमारे लिए जिंदगी का नया वर्ष होता है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि आलस्य प्रमाद हमारा सबसे बड़ा शत्रु है मौत से भी खतरनाक है समय पर काम करने वाला बुद्धिमान है और आगे धकेलने वाला अज्ञानी है।
जैन संत ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह के बच्चों ने कम उम्र में भी महान काम करके दुनिया में अमर हो गए, समय ही धर्म है, समय ही भगवान है और समय पर की गई साधना ही आत्म कल्याण में सहयोगी बनती है। महासती आर्य रक्षिता, डॉक्टर देव रक्षिता, चैतन्य रक्षिता व्रत रक्षिता ने विचार व्यक्त किए। गौतम मुनि, कौशल मुनि, घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त की ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष अशोक कुमार चोपड़ा, चंद्र प्रकाश मेहता, छगनलाल बोथरा, चंद्रशेखर छाजेड़ ने संतों का अभिनंदन किया।