
उज्जैन । समस्त जीवों के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले भगवान श्री चित्रगुप्त जी का प्राकट्य दिवस वैशाख शुक्ल गंगा सप्तमी तिथि 4 मई को मनाया जाएगा । इस दिन हर वर्ष की तरह जनता को दर्शन देने के लिए ठाठ बाट से रथ में सवार होकर भगवान चित्रगुप्त नगर भ्रमण पर निकलेंगे । जनदर्शन यात्रा के समापन पर कायस्थ समाज की कुटुंब रसोई का आयोजन भी किया जाएगा ।
उज्जैन कायस्थ समाज अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि जो प्राणी जैसा कर्म करता है उसे वैसा फल मिलता है । जिसका हिसाब किताब यमराज के समक्ष चित्रगुप्त रखते उसी आधार पर प्राणी को धर्मराज नर्क या स्वर्ग में भेजते है । ऐसे कर्मों के लेखक माने जाने आराध्य भगवान श्री चित्रगुप्त जी के प्राकट्य दिवस वैशाख शुक्ल पक्ष गंगा सप्तमी के अवसर पर रविवार दिनांक 4 मई 2025 को भगवान श्री चित्रगुप्त जनदर्शन यात्रा एवं कुटुंब रसोई का आयोजन किया जाएगा ।
रथ में सवार होंगे भगवान चित्रगुप्त… केसरिया ध्वज लेकर चलेंगे भक्त …….
4 मई को भगवान श्री चित्रगुप्त जी दर्शन देने पर रथ में सवार होकर नगर में निकलेंगे । जनदर्शन यात्रा हेतु एकत्रीकरण शाम 5 बजे भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री उद्यान ग्रांड होटल से होगा । यात्रा की सहसंयोजक अनुपमा श्रीवास्तव ने कहा कि हर वर्ष जनदर्शन यात्रा का आयोजन किया का रहा है उसी तरह इस वर्ष भी भगवान रथ से दर्शन देंगे । महिलाएं केसरिया साड़ी में ध्वज लेकर निकलेगी। यात्रा का समापन के बाद चित्रगुप्त घाट छोटे पुल दानी गेट पर भगवान एवं मोक्ष प्रदान करने वाली मां क्षिप्रा की आरती कर कुटुंब रसोई में सभी भक्त भोजन प्रसाद पाएंगे।
सर्व समाज होगा सम्मिलित ……
ऐसा माना जाता है कि जो भी जीव है उनके पाप पुण्य का बही खाता चित्रगुप्त लिखते है । ऐसा कोई प्राणी नहीं जिसके अच्छे बुरे कर्म का हिसाब भगवान के पास नहीं होता । यात्रा संयोजक दिनेश श्रीवास्तव ने विस्तृत में बताया कि धर्मराज उन्हीं कर्मों का लेखा जोखा देख कर दंड देते है । हम सर्व समाज से अपील करते है कि चित्रगुप्त की यात्रा में सम्मिलित होकर पुष्प वर्षा से भगवान का वंदन करे।