बालोतरा श्री पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ । आग से आग को नहीं बुझाई जा सकती वैसे ही हिंसा को हिंसा से तीन काल में समाप्त नहीं किया जा सकता उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने नाकोड़ा जैन तीर्थ पर ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते कहा कि हिंसा की ज्वाला अपने को देखते पराए को नहीं देखती हिंसा फैलाने वाली भी उसमें स्वाहा हो जाते हैं अहिंसा की महाशक्ति ही विश्व को विनाश से बचा सकती है ।
उन्होंने कहा कि अहिंसा वादी भारी संख्या में है लेकिन बिखरे हुए निष्क्रिय और अप्रशिक्षित है और मु_ी भर हिंसा वादियो ने हिंसा का तांडव नृत्य फैला रखा है उसके दोषी अहिंसा वादी भी है। मुनि कमलेश ने कहा कि समय रहते अहिंसा की शक्ति एक मंच पर होकर संगठित होकर मुकाबला नहीं करेगी तो उनका अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।
राष्ट्र संत ने स्पष्ट कहा की धर्मस्थल की चारदीवारी से बाहर निकलकर अहिंसा के सैनिक बनते हुए विश्व के कोने कोने में अहिंसा की अलख जगायेंगे वैचारिक क्रांति के द्वारा तभी हिंसा पर सफलता मिलेगी । जैन संत ने कहा कि आध्यात्मिक ग्रंथों की शिक्षा को वैज्ञानिक ढंग से पर्यावरण नशा मुक्ति शाकाहार आदि की रिसर्च रिपोर्ट स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए तभी सफलता मिलेगी। घनश्याम मुनि, गौतम मुनि, अरिहंत मुनि, कौशल मुनि, महासती चेलना, श्रीजी दिव्य प्रभा जी, चंद्रकला जी, संयम माला जी, समर सा जी आदि ठाणा 12 ने मंगल आशीर्वाद प्रदान किया । श्री नाकोड़ा पारसनाथ जैन तीर्थ के चेयरमैन रमेश कुमार मुथा, अशोक कुमार चोपड़ा, चंद्र प्रकाश मेहता, छगनलाल बोथरा, हंसराज कोटडिया, हीराचंद बागरेचा, जतन राज कोठारी, जितेंद्र कुमार चोपड़ा, सुरेशमल बाफना, कैलाश मेहता, प्रकाश चंद वेदेरा आदि ने ध्वजारोहण किया । इस अवसर पर देश के कोने कोने से भारी संख्या में जनता उमड़ पड़ी।