
जावरा (अभय सुराणा) । श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर डॉ गोतम मुनि जी महाराज प्रथम ने जावरा नगर में अपने एतिहासिक चार्तुमास में श्रमण संघ की एकता के अग्रदूत गुरुदेव जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज के वरिष्ठ शिष्य रत्न व जावरा की माटी के गौरव श्रमण संघीय वरिष्ठ उपाध्याय श्री कस्तुरमुनि जी कि पावन पुण्य स्मृति में लगभग 10 करोड की लागत से पावनधाम निर्माण का की महत्वाकांक्षी योजना का संकृल्प लिया था जिसका निर्माण तेजी से हो रहा है। निर्मित हो रहे पुज्य कस्तुरमुनि पावन धाम के निर्माण का अवलोकन आज मालव सिंहनी महासती श्री कमलावती जी महाराज की सुशिष्या जावरा में ही जन्मी जावरा की माटी का गौरव श्रमण संघीय अनुष्ठान आराधिका महासती डॉ कुमुदलता जी व महासती राजकीर्ति जी ने करते हुए सम्पुर्णु कार्य योजना की जानकारी ली प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में मानव चिकित्सा सेवा के लिए निर्मित 32 सौ स्केयर फिट के भवन जहाॅ ईएनटी व डायोलेसीस स्वास्थ्य सेवाए प्रदान की जावेगी का अवलोकन करते हुए प्रोजेक्ट की सम्पूर्ण जानकारी ली तथा साधु सन्तों के ठहरने ,प्रवचनों व सामाजहीत कार्यो के साथ गुरू भगवन्तो व समाज जनो के लिए ध्यान कैन्द्र बनाने आदि सराहना करते हुए कस्तुर पावनधाम ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश मेहता, महामंत्री सुजानमल कोचट्टा, कोषाध्यक्ष पारसमल गादिया, निर्माण चेयरमेन विनोद लुणिया, ट्रस्टी सुशील चपडोद ऋषभ मेहता आदि को साधुवाद देते हुए महासती डॉ कुमुदलता जी ने महामांगलिक सुनाते हुए प्रोजेक्ट की सफलता के लिए मंगलमयी शुभकामनाए दी तथा कहा कि इस कल्पना के शिल्पकार हमारे आध्यात्मिक गुरु श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर डॉ गोतम मुनि जी है जिनके आदेश पर ही पुना से लम्बा विहार कर आज इस पवित्र धरा पर हम खड़े हैं। डॉ कुमुदलता जी ने विश्वास दिलाया सामाज के उदारमना भामाशाह को प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए हर सम्भव सहयोग करने मे हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।
उक्त जानकारी देते ट्रस्ट के अध्यक्ष राकेश मेहता एवं महामंत्री सुजान कोचट्टा ने बताया उक्त महत्वाकांक्षी योजना के शिल्पकार प्रणेता श्री स्थानकवासी श्रमण महासंघ के उपाध्याय प्रवर डॉ गोतम मुनि जी महाराज प्रथम ने जावरा में चार्तुमास के दौरान जावरा के गौरव पुज्य कस्तुरमुनि जी की पावन स्मृति में पावन धाम निर्माण की कार्य योजना प्रस्तुत की जिसे जावरा श्री संध ने सहर्ष स्वीकार किया और आज़ यह प्रकल्प मूर्त रूप लेने की और अग्रसर है। प्रकल्प की जानकारी देते हुए बताया कि सेजावता दशहरा मैदान के पास लगभग कि प्रकल्प 60 हजार स्क्वेयर फीट याने सव्वा दो बीधा भूखण्ड में प्रवचन हाॅल साधु-संतो के कमरे गुरुदेव की छत्तरी ध्यान कक्ष आदि का निर्माण होगा जिस पर लगभग 10 करोड रूपए लगने की सम्भावना है। उक्त सहयोग राशि की व्यवस्था उपाध्याय प्रवर डॉ गोतम मुनि के जावरा सहित पूरे देश के गुरु भक्तों ने सहर्ष प्रदान करने की स्वीकृतिया भेज रहे है।
इसी प्रकार आल इंडिया कांन्फ्रेंस दिल्ली के विश्वस्त मण्डल के चेयरमेन रमेश भण्डारी इन्दौर ने भी प्रकल्प निर्माण के अवलोकन के बाद प्रकृल्प की सराहना करते हुए सभी उदारमना भामाशाह दानदाताओं को साधुवाद देते हुए कहा कि आल इंडिया जैन कांन्फ्रेंस दिल्ली व अ.भा. जैन दिवाकर संगठन समिति के वरिष्ठ दानदाताओं के समक्ष चर्चा कर हर सम्भव सहयोग देने का प्रयास करूंगा क्योंकि जावरा मेरी भी जन्मभूमि है व जावरा के गौरव ज्योतिषाचार्य श्रमण संघीय उपाध्याय श्री कस्तुरमुनि जी महाराज की स्मृति पावन धाम का निर्माण मेरे जीवन का सबसे बड़ा पूण्य एवं एतिहासिक कार्य होगा।
पावन धाम के श्री मेहता व श्री कोचट्टा ने बताया कि पुज्य श्री कस्तुरमुनि पावन धाम का शुभारंभ उपाध्याय प्रवर डॉ गोतम मुनि के सानिध्य में उनके एतिहासिक चार्तुमास के साथ शिध्र ही होने की सम्भावना है।