राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश के 46 दीक्षा जयंती पर 19 अप्रैल से 26 अप्रैल तक प्रदूषण बचाओ विश्व बचाओ तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे


होसपेट जैन आराधना भवन 19 अप्रैल। प्रकृति की रक्षा में प्रत्येक प्राणी का योगदान ऑक्सीजन से अधिक महत्वपूर्ण है। प्रकृति की रक्षा में ही मानव धर्म और परमात्मा की रक्षा निहित है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि इसके बिना जीने की कल्पना तक नहीं की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर स्वार्थ और विलासिता में डूबकर इंसान राक्षस बनकर प्रकृति पर कहर बरपा रहा है । इसी से टेंपरेचर बढ़ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग पर असर आ रहा है ग्लेशियर पिघल रहा है। मुनि कमलेश ने बताया कि प्रकृति का कोई विकल्प नहीं है हीरे माणक मोती से कीमती है । प्रकृति को नष्ट करना अपने पांव पर अपने हाथों से कुल्हाड़ी मारने के समान है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से पूरे देश में राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश के 46 दीक्षा जयंती पर 19 अप्रैल से 26 अप्रैल तक प्रदूषण बचाओ विश्व बचाओ के कार्यक्रम 18 राज्य में आयोजित किया जा रहे हैं। हौसपेट में सकल जैन समाज की ओर से 20 अप्रैल सामाइक दिवस 21 अप्रैल एकासना दिवस 22 अप्रैल को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा 29 अप्रैल तक चित्रदुर्गा पधारने की संभावना है जहां पर अक्षय तृतीया समारोह मनाया जाएगा पदयात्रा में प्रशासन की सेवाएं अनुमोदनीय रही सक्षम मुनि जी ने मंगलाचरण किया कौशल मुनि जी ने भक्ति गीत प्रस्तुत किया अक्षत मुनि और घनश्याम मुनि जी ने विचार व्यक्त किए।