
जावरा (अभय सुराणा) । विश्व मलेरिया दिवस पर सिविल हॉस्पिटल जावरा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी डॉ संध्या बेलसरे के मार्गदर्शन में कार्यशाला आयोजित की गई।
जिसमें आशा कार्यकर्ता ,सुपरवाइजर, उपस्थित रहे कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीबीएमओ डॉक्टर शंकरलाल खराड़ी ने कहा कि पानी से पैदा होने वाली बीमारियों में से मलेरिया एक प्रमुख बीमारी है इसके नियंत्रण के लिए सबकी भागीदारी होना आवश्यक है किसी व्यक्ति को बुखार आता है तो खून की जांच कराना चाहिए मलेरिया के जांच एवं उपचार की निःशुल्क व्यवस्था है , आर डी किट के माध्यम से 15 मिनट में रिपोर्ट मिल जाती है , मलेरिया इंस्पेक्टर सलीम मंसूरी ने बताया कि ठंड लगकर बुखार आना, पसीना आना, एक दिन छोड़कर बुखार आना मलेरिया के लक्षण हैं, घर पर रात्रि विश्राम के समय मच्छर दानी का उपयोग करें पूरे बाह के कपड़े पहनना चाहिए, प्रभारी सुपरवाइजर शैलेन्द्र कुमार दवे ने बताया कि घर के आसपास सफाई रखे, पानी जमा नहीं होने दें, सप्ताह में एक बार पानी की टंकी , घर के बर्तन ,कुलर का पानी अवश्य बदलना चाहिए, पीने के पानी को अच्छी तरह से ढक्कर रखे, तालाब, स्टॉपडेम एवं बारिश के जमा पानी में गेंबूसिया मछली का संचय किया जा सकता है उक्त मछली मच्छरों के लार्वा को पानी में खा जाती है कार्यशाला के बाद रैली भी निकाली गई, रैली में सुपरवाइजर अनिल पटेल, पूनम दायम, फरजाना खान, सीमा भाटी भी शामिल थे।